हरिद्वार में गंगा में बढ़े तेज बहाव के बीच रविवार को एसडीआरएफ टीम ने अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों की जान बचा ली। मनसा देवी पैदल मार्ग पर घायल हुए एक युवक को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। टीम की तत्परता को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने सराहना की। एसडीआरएफ के उपनिरीक्षक आशीष त्यागी ने बताया कि पहली घटना में बागपत निवासी अंशुल गंगा में स्नान के दौरान तेज बहाव में बहने लगा। हाथी पुल पर तैनात एसडीआरएफ बहादराबाद टीम ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दूसरी घटना में मथुरा निवासी वर्षीय सुमित गंगा में स्नान करते समय बहाव की चपेट में आ गया। बहते हुए युवक ने हाथी पुल के नीचे लगी जंजीरों को पकड़ लिया और मदद का इंतजार करने लगा।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया। तीसरी घटना में देहरादून निवासी शत्रुघ्न गंगा में स्नान के दौरान बहकर हाथी पुल के नीचे जंजीरों में फंस गया। मौके पर मौजूद एसडीआरएफ टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके अलावा मनसा देवी पैदल मार्ग पर मुजफ्फरनगर निवासी बादल अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ा। हादसे में उसके सिर और रीढ़ में चोट आई, जिससे वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ टीम ने युवक को स्ट्रेचर के सहारे नीचे लाकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। रेस्क्यू अभियान में हेड कांस्टेबल कपिल कुमार, कांस्टेबल सागर कुमार, गुड्डू कुमार, प्रकाश मेहता, होमगार्ड अभिषेक, शरद और राजेश शामिल रहे।


