नारीशक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पारित न होने पर जहां कांग्रेस समेत विपक्ष पर भाजपा ने हमलावर तेवर अख्तियार किए हैं, वहीं कांग्रेस भी पलटवार कर रही है। इसी कड़ी मंगलवार को देहरादून में कांग्रेस के इंटरनेट मीडिया विभाग की अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा व केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिला आरक्षण के नाम पर लोकतंत्र, संघीय ढांचे और संविधान के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की, जिसे लोकसभा में करारी हार मिली।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में श्रीनेत ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को जानबूझकर परिसीमन और पुरानी जनगणना से जोड़ दिया गया, जबकि उसमें ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए कोई प्रविधान नहीं किया गया।उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की गंभीरता को इससे समझा जा सकता है कि संसद का विशेष सत्र शुरू होने पर रात में इसकी अधिसूचना जारी की गई। उन्होंने कहा कि जो विधेयक पेश किया गया, वह महिला आरक्षण नहीं, बल्कि देश के राजनीतिक नक्शे को बदलने और संविधान पर हमला करने का प्रयास था। सरकार का असली एजेंडा महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन के जरिये राजनीतिक लाभ लेना था।
उन्होंने मणिपुर विषय उठाते हुए इस पर केंद्र को घेरा। आरोप लगाया कि देश में जब भी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का सवाल आता है, तब सरकार चुप्पी साध लेती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण का प्रस्ताव लाते हैं, तो कांग्रेस पूरी तरह सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर परिसीमन में उनकी विधानसभा सीट महिला आरक्षित होती है, तो वह खुशी-खुशी इसे छोड़ने को तैयार हैं।
