शोबन सिंह जिला विश्वविद्यालय मामले में हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी,HOD की कार्यवाही को बताया द्वेष पूर्ण

अल्मोड़ा,24 मार्च 2026 शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विश्वविद्यालय में जब न्याय की पढ़ाई कराने वाले ही अन्याय पर उतर आएं, तो मामला गंभीर हो जाता है। सोबन सिंह जीना (SSJ) विश्वविद्यालय के विधि संकाय (Law Faculty) में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला गेस्ट फैकल्टी ‘प्रियंका’ को सिस्टम की आपसी खींचतान का शिकार होना पड़ा। दरअसल, प्रियंका ने विभागाध्यक्ष (HOD) के खिलाफ एक आंतरिक शिकायत समिति (ICC) में गवाही दी थी। समिति ने HOD को दोषी पाया और अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी। लेकिन आरोप है कि इस रिपोर्ट पर कार्रवाई करने के बजाय, विभागाध्यक्ष ने प्रियंका को ही परेशान करना शुरू कर दिया। उन्हें काम पर आने से रोका गया और उनका वेतन तक रोक दिया गया।

- Advertisement -

इस मामले की सुनवाई करते हुए बीते दिवस यानी 23 मार्च को मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। कोर्ट ने इसे बदले की कार्रवाई करार दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि HOD का व्यवहार पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण और बदले की भावना (Vindictive) से प्रेरित है। कोर्ट ने उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि प्रियंका नियमित नहीं थीं। अदालत ने इसे ‘स्व-निर्मित’ या मनगढ़ंत बहाना बताया। कोर्ट ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि ICC की रिपोर्ट आने के बाद भी कुलपति (VC) आखिर क्यों शांत बैठे हैं। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। अब देखना होगा कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन अपने ही विभाग के रसूखदार लोगों पर कार्रवाई करता है या फिर कोर्ट का डंडा चलने का इंतज़ार करता है। इस मामले में अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी।

- Advertisement -
TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version