उत्तरकाशी में दूषित व कीड़े वाला खाना खाने को मजबूर छात्र, डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास में बदहाल व्यवस्थाएं
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jul 01, 2026 15:50
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उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय के समीप तिलोथ में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर बालक व बालिका छात्रावास में करीब सौ छात्र-छात्राओं को...
उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय के समीप तिलोथ में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर बालक व बालिका छात्रावास में करीब सौ छात्र-छात्राओं को दूषित और गुणवत्ता विहीन खाना खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि छात्रों के लिए खुले में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बन रहा है।इस कारण उसमें कीड़े गिरने के बावजूद भी छात्र-छात्राओं को परोसा जा रहा है। दूसरी ओर छात्रावास में सफाईकर्मी के नियमित न आने पर छात्र-छात्राओं को स्वयं नालियों की सफाई करनी पड़ी थी। तिलोथ मेें स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर बालक व बालिका छात्रावास में जनपद के अनूसूचित जाति के 48 छात्र और चालीस से अधिक छात्राएं रहते हैं। इन छात्र-छात्राओं को पिछले दो माह से गुणवत्ता विहीन खाना खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
छात्रावास के छात्र-छात्राओं का कहना है कि दो माह पूर्व वहां पर कैंटीन संचालक में निविदा के अनुसार बदलाव हुआ। उसके बाद से उन्हें रोज दूषित खाना खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कहा कि संचालक की ओर से अपनी फायदे के लिए बाहर गली में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है। इस दौरान वहां दीवारों से कई प्रकार के कीड़े चावल सहित दाल और सब्जियों में गिर रहे हैं। उसके बाद वहां पर कार्य कर रहे कर्मियों की ओर कीड़े पड़ा भोजन ही छात्र-छात्राओं को परोसा जा रहा है। इस कारण छात्र-छात्राओं के बीमार होने का खतरा भी बना हुआ है। बताया कि इस संबंध में दोनों छात्रावास अधीक्षक से लिखित शिकायत की गई। लेकिन उसके बाजवूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद छात्र बीते सोमवार को विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे। लेकिन वहां से भी उन्हें किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इस कारण छात्र-छात्राओं के बीमार होने का खतरा भी बना हुआ है। बताया कि इस संबंध में दोनों छात्रावास अधीक्षक से लिखित शिकायत की गई। लेकिन उसके बाजवूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद छात्र बीते सोमवार को विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे। लेकिन वहां से भी उन्हें किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब नहीं मिला। छात्र-छात्राओं का कहना है कि भोजन के साथ ही वहां पर सफाई व्यवस्था नहीं है। वहां पर तैनात सफाई कर्मचारी कभी-कभी ही सफाई करने पहुंचते हैं। इसलिए इस बार उन्हें स्वयं ही छात्रावास के आसपास की नालियों को साफ करना पड़ा। कहा कि शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप पंवार ने कहा कि मुझे कल ही इसकी सूचना मिली है। मैं कहीं बाहर गया था, वापस लौटकर छात्रावास के कैंटीन संचालक से बात की जाएगी।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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