अल्मोड़ा

भाकृअनुप‑विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, अल्मोड़ा द्वारा ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत किसान गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Jun 05, 2026 12:08 2 views 0 Comments
भाकृअनुप‑विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, अल्मोड़ा द्वारा ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत किसान गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित

दिनांक 1 से 30 जून 2026 तक कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी प्रमुख कार्यक्रम “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत संस्...

दिनांक 1 से 30 जून 2026 तक कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी प्रमुख कार्यक्रम “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत संस्था़न के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त के मार्गदर्शन में भाकृअनुप‑विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के वैज्ञानिकों द्वारा दिनांक 04 जून 2026 को जनपद अल्मोड़ा के ताकुला ब्लॉक के पडोलिया, मझेड़ा माफी और बामनीगढ़ गांवों में किसान गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में कुल 38 किसानों (21 पुरुष और 17 महिला) ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) को बढ़ावा देना और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था।

किसानों को हरी खाद, जैविक और जैविक इनपुट के उपयोग और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने और फसल उत्पादकता में सुधार के लिए उर्वरकों के विवेकपूर्ण प्रयोग के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को कृषि से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड), विभिन्न सब्सिडी आदि के बारे में भी बताया गया। वैज्ञानिकों ने उन्हें कृषि मशीनीकरण के लिए भी प्रोत्साहित किया। किसानों द्वारा बताई गई प्रमुख समस्या जंगली जानवरों और आवारा पशुओं द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाना थी।कार्यक्रम अत्यंत संवादात्मक रहा जिसमें किसानों ने वैज्ञानिकों के साथ चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा अपने अनुभव और प्रश्न साझा किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बी. एम. पांडे, डॉ. आर. के. खुल्बे और डॉ. मनोज कुमार ने किया।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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