श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा, दान चोरी का मामला गरमा रहा है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार सुबह कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला, ब्लॉक प्रमुख ज्योतिर्मठ अनूप नेगी व अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं संग मंदिर सिंह द्वार के बाहर परिसर में मौन व्रत पर बैठ गए हैं। विधायक ने श्री बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) प्रशासन सहित सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए इस चढ़ावा दान चोरी प्रकरण की कड़ी जांच की मांग की है। स्थानीय विधायक लखपत बुटोला ने पूरे प्रकरण में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ उच्च स्तरीय न्यायिक या एसआईटी जांच की मांग की है।
बीती दो जुलाई को सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक बदरीनाथ धाम के परिक्रमा स्थल स्थित सभागार में दान-चढ़ावे की गिनती हुई थी। उस दिन 16 लाख से अधिक की धनराशि पांच दान पात्रों से मिली। बताया गया कि दान-चढ़ावे की गिनती के दौरान वहां मंदिर समिति के चार कर्मचारी तैनात थे। गिनती में श्रद्धालु भी शामिल थे। धाम में गिनती के वक्त श्रद्धालुओं को भी शामिल करने की व्यवस्था है। इस मौके पर एक प्रोटोकाल अधिकारी मोबाइल के नीचे नोटों की गड्डियां ले जाते हुए देखा गया, जिसका वहां मौजूद साधु ने विरोध भी किया। इसी के बाद यह मामला उछला। मंदिर समिति के सूत्रों ने बताया कि मंदिर में पांच दान पात्र हैं, जिनमें दो गर्भगृह व तीन मंदिर परिक्रमा स्थल पर हैं। इन्हें ‘थाली भेंट’ नाम से जाना जाता है। दान पात्रों को एक-एक कर खाली किया जाता है और फिर गिनती होती है।


