काशीपुर में बैंक की गिरवी जमीन का एनएचआई से हड़पा मुआवजा, लगाया 1.5 करोड़ का चूना

काशीपुर में आइटीआइ थाना क्षेत्र में जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मुंबई स्थित ओंकारा एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि कल्पेश ओझा की तहरीर पर पुलिस ने अमित गुप्ता और शशि गुप्ता के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी व षड्यंत्र के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

- Advertisement -

तहरीर के अनुसार, मैसर्स श्री श्याम पल्प एंड बोर्ड मिल्स लिमिटेड ने 15 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इसके एवज में ग्राम दभौरा एहतमाली, तहसील काशीपुर स्थित खसरा संख्या 151 (क्षेत्रफल 1.950 हेक्टेयर) और खाता संख्या 152 (क्षेत्रफल 3.078 हेक्टेयर), कुल 5.038 हेक्टेयर भूमि, जो अमित गुप्ता और शशि गुप्ता के संयुक्त नाम पर दर्ज है, बैंक के पास गिरवी रखी गई थी।

- Advertisement -

ऋण का भुगतान न करने पर बैंक ने खाता 1 मार्च 2014 को एनपीए (गैर निष्पादित परिसंपत्ति) घोषित कर दिया था। बाद में यह ऋण खाता आईएफसीआई फैक्टर्स लिमिटेड से ओंकारा एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 26 जुलाई 2023 को अधिग्रहित किया गया। बैंक के अनुसार, जब बंधक भूमि के संबंध में कार्रवाई की गई तो पता चला कि उक्त भूमि का कुछ हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा हरिद्वार–काशीपुर राजमार्ग परियोजना के लिए अधिग्रहित कर लिया गया है।

- Advertisement -

आरोप है कि अमित गुप्ता और शशि गुप्ता ने इस भूमि के बैंक के पास गिरवी होने की जानकारी छिपाकर लगभग 1.5 करोड़ रुपये का मुआवजा कपटपूर्ण तरीके से प्राप्त कर लिया। बैंक प्रतिनिधि ने पुलिस को बताया कि उक्त भूमि के सभी मूल दस्तावेज बैंक के पास सुरक्षित हैं।

मुआवजा पाने के लिए अभियुक्तों ने जाली दस्तावेजों का प्रयोग किया थाना आईटीआई पुलिस ने इस प्रकरण में भादंसं की धारा 418, 420, 423 के तहत अमित गुप्ता और शशि गुप्ता के विरुद्ध धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में प्राथमिकी पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version