ऋषिकेश में नेपाली फार्म तिराहे पर पं. दीनदयाल उपाध्याय के नव निर्मित स्मारक के विरोध उत्तराखंड क्रांति दल व उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मूर्ति को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ऋषिकेश व प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में पार्टी विशेष के लोगों के बजाय उत्तराखंड की महान विभूतियों व बलिदानी राज्य आंदोलनकारियों के स्मारक बनने चाहिए। रविवार को नेपाली फार्म तिराहे पर नव निर्मित स्मारक के समीप यूकेडी व स्वाभिमान मोर्चा के कार्यकर्ताओं व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने स्मारक के विरोध में नारेबाजी की और स्मारक को हटाने की मांग की।
कई प्रदर्शनकारियों ने हाथों में उपकरण लेकर स्मारक की आधारशिला को तोड़ने के प्रयास में कई वार किए, लेकिन पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोककर उपकरण छीन लिए। इस दौरान पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर कहासुनी व नोंक-झोंक होती रही। स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश सचिव सुधीर राय ने कहा कि ऋषिकेश के प्रमुख स्थल पर भाजपा के संस्थापक का स्मारक लगाना राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं को आहत करने वाला है। किसी भी राजनीतिक दल की यदि व्यक्ति विशेष के प्रति आस्था है तो वे अपने पार्टी मुख्यालय या पार्टी की संपत्तियों में स्मारक बनाएं। इसे प्रदेशवासी व स्वाभिमान मोर्चा बर्दाश्त नहीं करेगा।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि लालमणि रतूड़ी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्रों में यदि राज्य की महान विभूतियों व बलिदानी आंदोलनकारियों का स्मारक स्थापित होता तो देशभर से आने वाले पर्यटक भी उत्तराखंड की गौरवशाली गाथा से अवगत होते। यूकेडी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने भी इसका जोरदार विरोध किया। इस दौरान नेपाली तिराहे पर खड़े यात्री हंगामा देखकर सहमे असमंजस में नजर आए। इस दौरान संजय सिलस्वाल व कई अन्य मौजूद रहे।
