ऋषिकेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही विभिन्न राज्यों के पर्यटक नैसर्गिक सौंदर्य के लिए विख्यात ऋषिकेश स्थित नीर झरने का रुख करने लगे हैं। शनिवार को नीर झरने में 1400 पर्यटकों की रिकार्ड उपस्थिति दर्ज की गई। पर्यटकों की भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोपहर 12 बजे नीर झरना मार्ग पर्यटकों के वाहनों से पैक होने लगा, जिसके बाद पर्यटक वाहनों का प्रवेश रोकना पड़ा। वहीं, पर्यटकों की भीड़ उमड़ने से भीड़ प्रबंधन और यातायात संचालन भी पुलिस व वन विभाग के लिए चुनौती बन रहा है। शनिवार को सुबह दस बजे से ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग स्थित नीर झरने में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़ समेत विभिन्न राज्यों के पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
देखते ही देखते पर्यटक वाहनों का दबाव अधिक बढ़ने से जाम के हालात भी बनते रहे। पर्यटकों ने अपने चौपहिया वाहन नीर झरने के समीप सड़क किनारे खड़े किए। कुछ देर में ही सड़क वाहनों से पैक हो गई। दोपहर करीब 12 बजे वन विभाग व पुलिस कर्मियों ने नीर झरने के प्रवेश द्वार पर पर्यटक वाहनों का प्रवेश रोक दिया। सिर्फ पैदल पर्यटकों को जाने की अनुमति दी गई। कुछ घंटे बाद हालात में सुधार होने पर प्रवेश दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी (शिवपुरी रेंज) विवेक जोशी ने बताया कि शनिवार को करीब 1400 पर्यटक नीर झरने में पहुंचे। यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है। जबकि, बीते शुक्रवार को पर्यटक संख्या 1327 थी।
बताया कि पिछले शनिवार को पर्यटक संख्या 1100 थी। इससे यह पता चलता है कि आगामी सप्ताहों में पर्यटकों का आगमन निरंतर बढ़ेगा। कहा कि इससे वन विभाग का राजस्व में भी रिकार्ड वृद्धि देखने को मिल रही है। नीर झरने में बीते महीनों लगाए गए सीसीटीवी कैमरे लगाने व पर्यटकों की आनलाइन निगरानी के बाद से झरने के प्रवेश गेट पर पर्यटकों को बिना टिकट के प्रवेश देने के मामलों में लगाम लगेगी। वन विभाग ने पर्यटकों की संख्या आनलाइन अपडेट करने की नई व्यवस्था लागू की है, जिससे रेंज कार्यालय से झरने में पहुंच रहे पर्यटकों की रियल टाइम मानीटरिंग हो रही है। बता दें कि नीर झरने में अक्सर पर्यटकों को बिना टिकट के प्रवेश देने को लेकर शिकायतें आती रहती थी, जिसे वन क्षेत्राधिकारी विवेक जोशी ने गंभीरता से लेते हुए प्रवेश द्वार व टिकट काउंटर की आनलाइन निगरानी की नई व्यवस्था लागू की है।
