उत्तराखंड में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग में आया उछाल, 3.7 करोड़ से बढ़कर 4.2 करोड़ यूनिट पहुंची
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Apr 05, 2025 01:26
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प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी उछाल आना शुरू हो गया है। हालात ये हैं कि पांच दिन के भीतर बिजली की मांग 3.7 करोड़ से बढ़कर 4.2...
प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी उछाल आना शुरू हो गया है। हालात ये हैं कि पांच दिन के भीतर बिजली की मांग 3.7 करोड़ से बढ़कर 4.2 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। यूपीसीएल को बाजार से बिजली खरीदनी पड़ रही है।
राज्य में पिछले वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड 6.5 करोड़ यूनिट तक पहुंची थी। इस साल अप्रैल महीने की शुरुआत से ही पारे की तरह बिजली की मांग भी बढ़नी शुरू हो गई है। पिछले पांच दिनों का ट्रेंड देखें तो मांग का ग्राफ स्पष्ट हो रहा है। 30 व 31 मार्च को बिजली की मांग 3.7 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी। इसके बाद एक अप्रैल को 3.6 करोड़ यूनिट, दो अप्रैल को 3.8 करोड़ यूनिट, तीन अप्रैल को चार करोड़ यूनिट और अब चार अप्रैल को 4.2 करोड़ यूनिट की डिमांड रिकॉर्ड की गई है।
इस बार बर्फबारी कम होने का असर बिजली उत्पादन पर भी नजर आ रहा है। यूजेवीएनएल का पिछले वर्ष अप्रैल माह में उत्पादन करीब 1.6 करोड़ यूनिट था जो कि इस साल एक करोड़ से 1.2 करोड़ यूनिट के आसपास चल रहा है। राज्य, केंद्र व अन्य माध्यमों से यूपीसीएल के पास मांग के सापेक्ष 3.4 करोड़ यूनिट बिजली ही उपलब्ध है। लिहाजा, रोजाना 80 से 85 लाख यूनिट तक बिजली बाजार से खरीदनी पड़ रही है।
यूपीसीएल को बाजार की बिजली भी खासी महंगी मिल रही है। सामान्य समय में जहां यूपीसीएल 2.69 रुपये प्रति यूनिट तक खर्च कर रहा है तो पीक समय में यह दाम 10 रुपये तक पहुंच रहे हैं। आने वाला समय और चुनौतीपूर्ण होने वाला है। मांग और बढ़ने के बाद रोजाना मोटी रकम बाजार से बिजली खरीदने पर ही खर्च करनी पड़ेगी।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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