उत्तराखंड

Uttarakhand: अब अल्मोड़ा में पंप स्टोरेज प्लांट से पैदा होगी बिजली, जिंदल समूह से प्रोजेक्ट का आया प्रस्ताव

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Sep 01, 2024 07:44 1 views 0 Comments
Uttarakhand: अब अल्मोड़ा में पंप स्टोरेज प्लांट से पैदा होगी बिजली, जिंदल समूह से प्रोजेक्ट का आया प्रस्ताव

प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच अल्मोड़ा में राज्य का पहला निजी पंप स्टोरेज प्लांट लगने जा रहा है। इसका प्रस्ताव जिंदल समूह ने शासन को...

प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच अल्मोड़ा में राज्य का पहला निजी पंप स्टोरेज प्लांट लगने जा रहा है। इसका प्रस्ताव जिंदल समूह ने शासन को भेज दिया है। पांच हजार करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से राज्य को करीब 300 मेगावाट बिजली मिलेगी।

सरकार ने प्रदेश में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए पंप स्टोरेज प्लांट लगाने की कवायद शुरू की। इसके लिए ऊर्जा विभाग ने पंप स्टोरेज पॉलिसी भी जारी की है। इस नीति के तहत जिंदल समूह ने शुरुआत कर दी है। वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 15 हजार करोड़ रुपये का एमओयू साइन करने वाले समूह ने पहले चरण में अल्मोड़ा का प्रस्ताव सरकार को दे दिया है।

करीब 600 मेगावाट की यह परियोजना होगी, जिसमें से आधी बिजली पर पहला हक यूपीसीएल का होगा। अगर यूपीसीएल इस बिजली को लेने से इंकार करेगा तो ही यह बाजार में बेची जा सकेगी। शाम को पीक आवर्स में अपेक्षाकृत कम दाम पर बिजली मिलने से यूपीसीएल को बड़ी राहत मिल जाएगी।

दिन में पंप स्टोरेज का प्लांट सौर ऊर्जा से चलता है, जिससे नीचे का पानी ऊपर के वाटर हाउस में पहुंचाया जाता है। फिर शाम को पीक आवर्स में ऊपर से नीचे पानी छोड़कर बिजली पैदा की जाती है। टीएचडीसी ने भी राज्य में 1000 मेगावाट का पंप स्टोरेज प्लांट बनाया है, जिसका इन दिनों ट्रायल चल रहा है।

आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव ऊर्जा ने बताया कि जिंदल समूह का प्रस्ताव आ चुका है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। अल्मोड़ा में पंप स्टोरेज प्लांट से करीब 600 मेगावाट बिजली पैदा होगी, जिसमें से आधी पर सीधे तौर पर यूपीसीएल का हक होगा।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

Enjoyed this article?

Share it with your friends and colleagues.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment