उत्तराखंड

बिना इनर लाइन परमिट के आदि कैलाश पहुंचे यात्रि, सुरक्षा से जुड़ा मामला, ITBP को जांच के निर्देश

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Apr 14, 2026 00:44 1 views 0 Comments
बिना इनर लाइन परमिट के आदि कैलाश पहुंचे यात्रि, सुरक्षा से जुड़ा मामला, ITBP को जांच के निर्देश

1 मई से प्रस्तावित आदि कैलाश यात्रा शुरू होने से पहले ही नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। बिना इनर लाइन परमिट के श्रद्धालुओं के संवेदनशील क्षे...

1 मई से प्रस्तावित आदि कैलाश यात्रा शुरू होने से पहले ही नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। बिना इनर लाइन परमिट के श्रद्धालुओं के संवेदनशील क्षेत्र में पहुंचने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आदि कैलाश यात्रा के लिए प्रशासन ने 1 मई से आधिकारिक शुरुआत की तारीख तय की है, लेकिन इससे पहले ही कुछ स्थानीय टूर ऑपरेटर नियमों को दरकिनार कर श्रद्धालुओं को यात्रा पर ले जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बिना प्रशासनिक अनुमति और बिना इनर लाइन परमिट (आईएलपी) के ही यात्रियों को सीमांत क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है, जो कि पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।

नियमों के अनुसार, आदि कैलाश यात्रा के लिए आईएलपी अनिवार्य होता है और बिना इसके किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाती। इसके बावजूद यात्रियों का वहां पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक माना जा रहा है। सबसे अहम बात यह है कि अब तक प्रशासन ने आईएलपी जारी करने की स्पष्ट तिथि भी घोषित नहीं की है, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। व्यास टैक्सी यूनियन अध्यक्ष प्रवेश नबियाल और टूर ऑपरेटर दीपेश नेगी  ने कहा अगर बिना परमिट लोग जा रहे हैं तो यह सुरक्षा के लिहाज से बहुत गंभीर मामला है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और ऐसे टूर ऑपरेटरों पर सख्ती करनी चाहिए।

भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थित आदि कैलाश क्षेत्र सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। ऐसे में बिना अनुमति लोगों का वहां पहुंचना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाता है। वहीं उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि यात्रियों ने प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली है। इस मामले पर आईटीबीपी को जांच के निर्देश के साथ पांच दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिए है। उपरोक्त वीडियो को संज्ञान में लेकर मामले की जांच की जा रही है। 

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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