उत्तराखंड

देहरादून में एसएसबी जवान के बेटे ने की आत्महत्या, शरीर पर मिले घाव के निशान

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Sep 12, 2025 13:17 1 views 0 Comments
देहरादून में एसएसबी जवान के बेटे ने की आत्महत्या, शरीर पर मिले घाव के निशान

देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक 23 वर्षीय युवक ने अपने अपार्टमेंट की पार्किंग में खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान अनिल सिंह क...

देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक 23 वर्षीय युवक ने अपने अपार्टमेंट की पार्किंग में खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान अनिल सिंह के रूप में हुई है, जो एसएसबी में तैनात एएसआई के बेटे थे। अनिल के शरीर पर चाकू से गहरे घाव के कई निशान पाए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

अनिल सिंह पटेलनगर के विद्या विहार फेस-2 में अपने परिवार के साथ रहते थे। गुरुवार 12 सितंबर को उन्होंने अपार्टमेंट की पार्किंग में खुद को चाकू मारकर आत्महत्या कर ली। उनका शरीर खून से सना हुआ था और गंभीर हालत में उन्हें परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पटेलनगर कोतवाली पुलिस को सूचना मिलते ही टीम घटनास्थल पर पहुंची। जांच के दौरान पार्किंग से एक चाकू बरामद हुआ जिससे अनिल ने खुद को घायल किया था। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी लेकिन प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है।

परिजनों के मुताबिक अनिल पिछले दो वर्षों से मानसिक तनाव से गुजर रहा था और नियमित रूप से कॉलेज भी नहीं जा रहा था। वह बी.फार्मा का छात्र था लेकिन कुछ समय से व्यवहार में असामान्यता देखी जा रही थी। परिजनों ने बताया कि बीते कुछ दिनों से वह आत्महत्या की बात कर रहा था। लेकिन किसी ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस को आशंका है कि अनिल ने आत्महत्या से पहले किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संबंधित वीडियो देखा था जिससे वह मानसिक रूप से और अधिक प्रभावित हुआ। पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

Enjoyed this article?

Share it with your friends and colleagues.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment