उत्तराखंड

हल्द्वानी में RSS ने विजयादशमी के कार्यक्रम पर किया शस्त्र पूजन कही संगठित रहने की बात

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Oct 02, 2025 04:51 1 views 0 Comments
हल्द्वानी में RSS ने विजयादशमी के कार्यक्रम पर किया शस्त्र पूजन कही संगठित रहने की बात

हल्द्वानी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के क्रम में बुधवार को अमृताश्रम लोहरियासाल बस्ती में विजयादशमी कार्यक्रम और शस्त्र पूजन किया गय...

हल्द्वानी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के क्रम में बुधवार को अमृताश्रम लोहरियासाल बस्ती में विजयादशमी कार्यक्रम और शस्त्र पूजन किया गया। आयोजन की शुरुआत शस्त्र पूजन के साथ हुई। मुख्य वक्ता प्रांत सह प्रचार प्रमुख डा. बृजेश बनकोटी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के मन में राष्ट्र और राष्ट्रभक्ति की स्पष्ट कल्पना होना आवश्यक है। राष्ट्रभक्ति के भाव का अभाव होने की वजह से ही वर्षों तक गुलाम रहे। कहा भारत माता की जय बोलने वाला, अपने पूर्वजों एवं मानबिन्दुओं, परंपराओं, संस्कृति पर गौरव करने वाला ही हिन्दू है। संघ वर्ष 1925 से हिंदू समाज को संगठित करने का कार्य निरंतर कर रहा है।

स्वयंसेवकों के त्याग, तपस्या और परिश्रम के बल पर संघ सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बना है। समाज के केंद्र में संघ है और पूरा समाज संघ के विचार को आगे बढ़ा रहा है। शाखाओं के माध्यम से व्यक्ति के आचार, विचार एवं संस्कार शुद्धि के अभियान में निरंतर काम किया जा रहा है। साथ ही व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। समाज में अमूल चूल परिवर्तनों के लिए सभी को संगठित होना होगा। डा. बनकोटी ने समाज से मतांतरण, लव जिहाद, लैंड जेहाद, जातीय संघर्ष, नशा आदि के विरुद्ध डटकर खड़े रहने का आह्वान किया। विश्व कल्याण के लिए हिंदू समाज का शक्तिशाली होना आवश्यक है। बताया शताब्दी वर्ष में पूरे साल विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे।

उत्तराखंड : यहां महिला अस्पताल में लापरवाही का मामला-महिला डॉक्टर की सेवा की गई समाप्त
हल्द्वानी :RSS ने विजयादशमी कार्यक्रम और शस्त्र पूजन किया
सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

Enjoyed this article?

Share it with your friends and colleagues.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment