देहरादून में 1 करोड़ रुपए का दुर्लभ सांप बरामद, तांत्रिक क्रिया के लिए बेचने लाए थे लाडवा गैंग के तस्कर
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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May 03, 2025 06:46
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कोतवाली विकासनगर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय संरक्षित पशुओं के तस्कर गिरोह लाडवा गैंग के 03 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, गैंग के लोगों के कब्जे से एक जीवि...
कोतवाली विकासनगर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय संरक्षित पशुओं के तस्कर गिरोह लाडवा गैंग के 03 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, गैंग के लोगों के कब्जे से एक जीवित Red Sand Boa (Eryx johnii) सांप, संरक्षित प्रजाति (Schedule-I Part-C, WLP Act 1972) बरामद किया गया, बरामद संरक्षित प्रजाति के सांप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 01 करोड़ रुपये है, गिरोह के सदस्यों द्वारा तांत्रिक क्रियाओं के लिए भारी कीमत पर बेचने के उद्देश्य से इस सांप की तस्करी की जा रही तस्करी थी।
एसएसपी देहरादून अजय सिंह को तांत्रिक क्रियाओं के लिए प्रयोग में आने वाले दुर्लभ प्रजाति के Red Sand Boa (Eryx johnii) सांप को बेचने संबंधी सूचना मिली थी, सूचना देने वाले ने बताया कि हरियाणा के एक वन्य जीव तस्कर गिरोह "लाडवा गैंग' के 03 सदस्य नहर रोड स्थित कूड़ा घाटी मार्ग विकासनगर पर एक बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट कार में सवार हैं, उनके पास दो मुंहा सांप है, ये सांप अंतरराष्ट्रीय संरक्षित पशु के अंतर्गत आता है।
इस पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया, पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पुल नंबर-2 के पास घेराबंदी कर तीन व्यक्तियों अनिल, अशोक और संदीप कुमार को वाहन सहित पकड़ लिया, इनके वाहन की तलाशी ली गई तो पिछली सीट पर एक बैग मिला, बैग खोलने पर पता चला कि उसमें एक जीवित दो मुंहा सांप (Red Sand Boa) है।
लाडवा गैंग के वन्य जीव तस्कर यह सांप हरियाणा से लाए थे, इसको देहरादून में ऊंचे दाम पर तांत्रिक क्रियाओं हेतु बेचने वाले थे, संरक्षित प्रजाति का ये दुर्लभ सांप बहुत ऊंचे दामों पर बिकता है. पुलिस के अनुसार इसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए है, खुद को लाडवा गैंग ने भी पुलिस को यही बताया, दुर्लभ दो मुंहे सांप की बरामदगी के बाद मौके पर वन विभाग की टीम को बुलाया गया, जिनके द्वारा बरामद सांप की पहचान Red Sand Boa (Eryx johnii) के रूप में की गई।वन कर्मियों ने बताया कि यह प्रजाति वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 यथा संसोधित 2022 की अनुसूची-1 के पार्ट सी सरीसर्प के क्रम संख्या 01 पर है और अधिनियम अंतर्गत संरक्षित है।
सांप का शिकार, व्यापार, संग्रहण ओर परिवहन पूरी तरह से प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है, पकड़े गये तीनों वन्य जीव तस्करों के पास से संरक्षित प्रजाति का सांप बरामद हुआ है, इस पर तीनों वाइल्ड लाइफ स्मगलर्स को वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 में गिरफ्तार किया गया, साथ ही आरोपियों के खिलाफ कोतवाली विकासनगर में मुकदमा पंजीकृत किया गया ।
अजय सिंह, एसएसपी, देहरादून
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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