पतंजलि ने सभी प्रोडक्ट्स के दाम कम किए, कौन सामान कितना सस्ता हुआ, जानें
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Sep 22, 2025 01:42
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22 सितंबर यानी सोमवार से जीएसटी की नई दरें लागू हो गई हैं, इससे रोजमर्रा की अधिकांश वस्तुएं सस्ती होंगी, कंपनियों ने ग्राहकों को इसका लाभ पहुंचाने के...
22 सितंबर यानी सोमवार से जीएसटी की नई दरें लागू हो गई हैं, इससे रोजमर्रा की अधिकांश वस्तुएं सस्ती होंगी, कंपनियों ने ग्राहकों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए अपने उत्पादों के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में कमी है, इसी कड़ी में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने अपने सभी उत्पादों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में कमी की घोषणा की है।
कंपनी के मुताबिक, यह कटौती खाद्य और गैर-खाद्य दोनों श्रेणियों में की गई है, ताकि उपभोक्ताओं को जीएसटी सुधार का पूरा लाभ मिले, कंपनी के अनुसार, न्यूट्रेला सोया रेंज में, चंक्स, मिनी चंक्स और ग्रैन्यूल्स के 1 किलो पैक की कीमत अब 210 रुपये से घटकर 190 रुपये हो गई है. इसी तरह, 200 ग्राम पैक की कीमत 50 रुपये से घटकर 47 रुपये हो गई है।
बिस्कुट और कुकीज सेगमेंट में, दूध बिस्किट (35 ग्राम) अब 4.50 रुपये में मिलेगा, जबकि मैरी बिस्किट (225 ग्राम) की कीमत 30 रुपये से घटकर 27 रुपये हो गई है, पतंजलि ट्विस्टी टेस्टी नूडल्स (50 ग्राम) 10.00 रुपये से घटकर 9.35 रुपये में और आटा नूडल्स चटपटा (60 ग्राम) 12 रुपये से घटकर 11.25 रुपये में उपलब्ध होगा, दंत कांति नेचुरल 200 ग्राम की कीमत अब 120 रुपये से घटकर 106 रुपये हो गई है, और केश कांति हेयर केयर उत्पादों की कीमत 106 रुपये से घटकर 89 रुपये हो गई है।
हेल्थ और वेलनेस श्रेणी में, आंवला और गिलोय जैसे जूस 6 से 10 रुपये तक सस्ते हो गए हैं, और गाय के घी (900 मिली) की कीमत 780 रुपये से घटाकर 731 रुपये कर दी गई है, नीम कांति (75 ग्राम) जैसे बॉडी क्लींजर अब 25 रुपये से घटकर 22 रुपये में मिलेंगे, पतंजलि फूड्स ने रविवार को एक बयान में कहा कि कीमतों में कमी का फैसला भारतीय उपभोक्ताओं को किफायती, उच्च-गुणवत्ता वाले और प्राकृतिक उत्पाद उपलब्ध कराने की उसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि पुष्ट करता है, साथ ही सरकार के पोषण और स्वास्थ्य सेवा मिशन का भी समर्थन करता है।
इस महीने की शुरुआत में जीएसटी परिषद की बैठक में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ढांचे में बड़े सुधार को मंजूरी दी गई थी, चार में से सिर्फ दो टैक्स स्लैब- 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत को करार रखा गया है, जबकि दो स्लैब- 12% और 28% को खत्म कर दिया गया है, हालांकि, विलासिता और सिन गुड्स यानी अहितकर वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत का एक अलग स्लैब बरकरार रखा गया है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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