उत्तराखंड

केदारनाथ में अजीब बीमारी से हड़कंप, घोड़े-खच्चरों के संचालन पर 24 घंटे की रोक, 14 पशुओं की संदिग्ध मौत

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत May 06, 2025 01:08 1 views 0 Comments
केदारनाथ में अजीब बीमारी से हड़कंप, घोड़े-खच्चरों के संचालन पर 24 घंटे की रोक, 14 पशुओं की संदिग्ध मौत

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दो दिन में 14 घोड़े-खच्चरों की संदिग्ध मौत होने के बाद सचिव पशुपालन डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने इनके संचालन पर 24 घंटे की रोक...

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दो दिन में 14 घोड़े-खच्चरों की संदिग्ध मौत होने के बाद सचिव पशुपालन डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने इनके संचालन पर 24 घंटे की रोक लगा दी है। मंगलवार को केंद्र सरकार और हरियाणा की टीमें केदारनाथ पहुंचकर जांच करेंगी।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों को लाने-लेजाने में काम आने वाले घोड़े-खच्चरों की मौत के मामलों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। रविवार को आठ और सोमवार को छह घोड़े-खच्चरों की मौत के बाद सचिव पशुपालन डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम रुद्रप्रयाग पहुंचे। उन्होंने हालात को देखते हुए अगले 24 घंटे तक केदारनाथ मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन पर रोक लगा दी है।

डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि घोड़े-खच्चरों में यह बीमारी न फैले, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को केंद्र सरकार की एक टीम और हरियाणा के हिसार से भी एक टीम केदारनाथ पहुंच रही है। दोनों टीमें घोड़े-खच्चरों की संदिग्ध मौतों की जांच करेंगी।

सचिव पशुपालन ने कहा कि पूर्व में इक्वाइन इन्फ्लुएंजा के लक्षण मिलने के बाद चार अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच रिकॉर्ड 16,000 घोड़े-खच्चरों की जांच की गई। इनमें से 152 पशु सीरो सैंपलिंग में पॉजिटीव आए थे। आरटीपीसीआर रिपोर्ट में नेगेटिव आए थे। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मौतों का कारण कोई बैक्टीरियल इंफेक्शन लग रहा है। हालांकि टीमों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

सचिव पशुपालन डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि केदारनाथ मार्ग पर चलने से पहले घोड़े-खच्चरों की पहले जांच होगी। जांच में नेगेटिव आने के बाद ही उसे यात्रा मार्ग पर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में तो इस तरह की समस्या के बाद पूरी यात्रा रोकी गई थी, लेकिन चूंकि हम पहले ही काफी जांचें कर चुके हैं, इसलिए यात्रा पूरी तरह से नहीं रोकी जाएगी।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगे हुए सभी घोड़े-खच्चरों की जांच की जा रही है। अगर किसी में नाक बहने जैसे लक्षण होंगे तो उन पशुओं का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाएगा। टेस्ट की रिपोर्ट आने तक उन घोड़े-खच्चरों को क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। जो रिपोर्ट में सही आएगा, उसे यात्रा मार्ग पर भेज दिया जाएगा।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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