शातिर दंपती के जाल में फंसकर गंवाई रकम; शराब स्टोर में पार्टनरशिप का झांसा देकर दंपती ने लगाया 25 लाख का चूना
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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May 10, 2025 03:58
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दंपती ने शराब के स्टोर में निवेश का झांसा देकर एक व्यक्ति से 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी। आरोपितों ने पीड़ित को साझेदार बनाने का झांसा दिया। रकम न...
दंपती ने शराब के स्टोर में निवेश का झांसा देकर एक व्यक्ति से 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी। आरोपितों ने पीड़ित को साझेदार बनाने का झांसा दिया। रकम निवेश करवाने के बावजूद संयुक्त खाता नहीं खुलवाया और लाखों रुपये का गबन कर दिया। तहरीर के आधार पर राजपुर थाना पुलिस ने दंपती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी तहरीर में रोहित अग्रवाल निवासी पैसिफिक गोल्फ एस्टेट, सहस्रधारा रोड ने बताया कि आरोपित अनंदिता भारद्वाज और उसके पति विक्रांत भारद्वाज निवासी पैसिफिक गोल्फ एस्टेट, सहस्रधारा रोड एक ही सोसायटी में रहते हैं, जिसके कारण उनकी जान-पहचान हुई। आरोपितों ने कहा कि उनका गोल्फर्स लिकर एस्टेट नाम से शराब का स्टोर है। उन्होंने स्टोर में धनराशि निवेश करने का प्रस्ताव रखा और कई प्रलोभन दिए, जिसके कारण वह निवेश करने के लिए तैयार हो गए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि पहली बार उन्होंने विक्रांत को दो लाख रुपये दिए। इसके बाद उनके एक परिचित सूचित त्यागी ने बताया की उसने भी गोल्फर्स लिकर एस्टेट में रकम निवेश किया जिसे आरोपितों ने गबन कर दिया। इस मामले में उसका आरोपितों के साथ विवाद चल रहा है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि जब यह बात उन्होंने आरोपित विक्रांत भारद्वाज से पूछी तो उसने अपने दूसरे स्टोर लिकर ब्रोस में साझेदार बनाने की बात कही। झांसे में आकर उन्होंने 20 मई 2024 को लिकर ब्रोस के खाते में 10 लाख रुपये, जबकि 21 मई 2024 को पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 24 मई 2024 को उनके बीच पार्टनरशिप डीड बनाई गई। पार्टनरशिप डीड में यह स्पष्ट किया गया था कि फर्म लिकर ब्रोस का खाता किसी बैंक में खोला जाएगा, लेकिन अनंदिता ने काफी समय बीत जाने के बाद भी किसी बैंक में खाता नहीं खुलवाया और अपनी कंपनी सोल प्रोपराइटरशिप के नाम पर ही खाता चलाती रहीं।
पार्टनरशिप डीड के बाद उन्होंने तीन लाख रुपये लिकर ब्रोस के खाते में ट्रांसफर किए। लगातार कहने के बाद फर्म का एक अकाउंट खुलवाया गया, जिसे अनंदिता व्यक्तिगत रूप से संचालित करती थी। बाद में उन्हें पता चला कि आरोपित अपने निजी खर्चे फर्म के खाते से कर रहे थे और निवेश की गई धनराशि को किसी न किसी बहाने से निकालते रहे। 13 जुलाई 2024 को एक प्रस्ताव पास करवाया गया कि फर्म का खाता संयुक्त रूप से चलाया जाएगा। लेकिन उसके बाद भी अनंदिता बैंक खाते को अकेले चलाती रहीं और फर्म का सारा पैसा गबन कर लिया।
थानाध्यक्ष राजपुर शैंकी कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर दोनों आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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