हरिद्वार

हरिद्वार में आंधी-बारिश ने नहीं 500 ग्राम के ओलों ने मचाई तबाही, फसलें बर्बाद, वाहन क्षतिग्रस्त

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Oct 09, 2026 21:15 • 3 views • 0 Comments
हरिद्वार में आंधी-बारिश ने नहीं 500 ग्राम के ओलों ने मचाई तबाही, फसलें बर्बाद, वाहन क्षतिग्रस्त

धर्मनगरी और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे आंधी के साथ आई तेज बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कुछ स्थानों पर करीब 500 ग्राम वजन के ओले गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। बड़े ओलों से बचने के लिए लोगों में भगदड़ मच गई। आंधी में कुछ स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। इससे भवनों क्षतिग्रस्त हुए और विद्युत आपूर्ति व सड़क मार्ग भी बाधित हुए। डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को राहत पहुंचाने व अवरूद्ध सड़क मार्गों को तत्काल सुचारू करने के निर्देश दिए। शुक्रवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। आसमान में काले बादल छाने से अंधेरा हो गया। कुछ ही देर में आंधी के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि होने लगी। करीब 45 मिनट हुई बारिश के दौरान सिडकुल, रोशनाबाद, ज्वालापुर, बहादराबाद, पथरी, जमालपुर कलां क्षेत्र में बड़े ओले आसमान से गिरने लगे। 

कुछ क्षेत्र में बड़े आकार के ओले गिरे। कुछ इलाकों में गिरे ओलेां का वजन करीब 500 ग्राम तक था। बड़े ओलों से बाहर खुले में खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कई लोग भी ओलों की चपेट में आने से चोटिल हो गए। लोगों ने भागकर सुरक्षित स्थानों में शरण ली। शिवालिकनगर और नवोदयनगर में कई विद्युत खंभे उखड़ गए और विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। डीएम मयूर दीक्षित ने सभी एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए आंधी-बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि फसलों की क्षति का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर प्रभावितों को राहत पहुंचाने में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। भीषण ओलावृष्टि से यूजेवीएन लिमिटेड के पथरी विद्युत गृह के पास स्थापित 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा नुकसान हुआ है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार संयंत्र में स्थापित लगभग 2000 सोलर फोटोवोल्टिक माड्यूल में से करीब 142 माड्यूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।संयंत्र के अन्य उपकरणों व परिसंपत्तियों को हुए संभावित नुकसान की जानकारी भी जुटाई जा रही है। निगम की टीम क्षतिग्रस्त सोलर माड्यूल व संयंत्र के अन्य हिस्सों की स्थिति का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कर रही है। विस्तृत जांच के बाद क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार को कुछ देर की बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने लोगों को सकते में डाल दिया। आसमान से गिरे बड़े-बड़े ओलों ने कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया।बताया जा रहा है कि ओलों का वजन 200 से 400 ग्राम तक था। ओलावृष्टि से कई वाहनों के शीशे टूट गए। अचानक बदले मौसम और भारी ओलावृष्टि से क्षेत्र में व्यापक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बारिश के साथ अचानक बड़े आकार के ओले गिरने लगे।

कुछ ही देर में सड़कों और खुले स्थानों पर ओलों की परत दिखाई देने लगी। आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी मौसम के इस बदले मिजाज का असर देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। अचानक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पथरी क्षेत्र में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी गन्ने की फसल जमीन पर बिछ गई। धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ओलों की मार और बारिश के कारण धान का दाना खराब होने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है।पहले से ही जलभराव के कारण फसलों को नुकसान झेल रहे किसानों के सामने अब दोहरी मार पड़ गई है। बर्बाद फसलों को देखकर कई किसान मायूस हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

 

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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