उत्तराखंड

रुद्रपुर में जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान को तेज करते हुए धार्मिक ढांचों को गिराया

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Apr 18, 2026 07:41 1 views 0 Comments
रुद्रपुर में जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान को तेज करते हुए धार्मिक ढांचों को गिराया

जनपद में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, गूलरभोज - दिनेशपुर भी क्षेत्र में स्थ...

जनपद में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, गूलरभोज - दिनेशपुर भी क्षेत्र में स्थित सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से निर्मित कई धार्मिक संरचनाओं को सुबह के समय भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया, इस कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल मच गई, हालांकि प्रशासन ने पहले ही इसके लिए सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली थी, प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इन संरचनाओं का निर्माण बिना किसी वैध अनुमति के सिंचाई विभाग की भूमि पर किया गया था, लगभग तीन महीने पहले प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण कराया गया था, जिसमें इन अवैध निर्माणों की पहचान की गई।

इसके बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर भूमि स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए बताया गया कि इसी क्षेत्र में ठंडा नाला इलाके में भी कई लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था, इन कब्जाधारियों को भी नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली, बाद में वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और कुछ मामलों में स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया, हालांकि, जिन धार्मिक संरचनाओं को आज हटाया गया, उनके संबंध में कोई स्थगन आदेश लागू नहीं था, जिससे प्रशासन को कार्रवाई करने का रास्ता साफ मिल गया, जिला मजिस्ट्रेट नितिन भदौरिया ने बताया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है और इसी दिशा में यह कार्रवाई की गई है, उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रहेगी।

अपर जिला मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय ने जानकारी दी कि कुल तीन धार्मिक संरचनाओं को हटाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन निर्माणों के लिए न तो कोई प्रशासनिक अनुमति ली गई थी और न ही कब्जाधारियों ने भूमि स्वामित्व के वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए, प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए की गई है, जिसमें सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं, कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इस कदम को प्रशासन की सख्ती और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, आने वाले समय में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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