हरिद्वार में किसान पिता को मुआवजे में मिले 1.77 करोड़ बेटे ने ऑनलाइन गेमिंग में गंवाए, ठगे जाने पर खाया जहर
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Mar 11, 2026 03:55
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ऑनलाइन गेमिंग और रातों-रात दोगुना मुनाफा कमाने का लालच किस कदर भारी पड़ सकता है, इसका चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना...
ऑनलाइन गेमिंग और रातों-रात दोगुना मुनाफा कमाने का लालच किस कदर भारी पड़ सकता है, इसका चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले महज 18 साल के एक युवक ने ऑनलाइन गेमिंग के चंगुल में फंसकर अपने किसान पिता के 1.77 करोड़ रुपये गंवा दिए। तहरीर पर देहरादून स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी गई तहरीर में 18 वर्षीय अभिमन्यु ने बताया कि उसने जनवरी 2025 में प्ले स्टोर से स्पोर्ट्स बाजी, प्रोबो, ड्रीम 11 नाम की कुछ गेमिंग ऐप डाउनलोड कर उन खेलों पर रकम लगाई।
जून 2025 में इनके बंद होने पर यू-ट्यूब पर विन अड्डा नाम की एक नई गेमिंग वेबसाइट का विज्ञापन देखा। उसे डाउनलोड करने को अपनी जानकारी दी। तब उसके व्हाट्सऐप पर विदेशी कोड (+237, +234, +94 आदि) वाले अनजान नंबरों से कई वीआईपी लिंक आने लगे। इन शातिर ठगों ने उसे कम पैसे लगाकर दोगुना मुनाफा कमाने का झांसा दिया। शुरुआत में ठगों ने उसे मामूली फायदा भी दिया। इससे युवक को उन पर पूरा विश्वास हो गया। इस जाल में फंसकर अभिमन्यु ने अपने और अपने पिता के पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के पांच अलग-अलग खातों से यूपीआई के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने शुरू कर दिए। जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 एक साल के बीच उसने कुल 1.77 करोड़ रुपये ठगों के खातों में डाल दिए।
जब युवक ने अपना मुनाफा और मूल रकम वापस मांगी तो जालसाजों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और उल्टे और पैसों की डिमांड करने लगे। ठगी का पता लगाने पर युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। किसी तरह उसकी जान बची। साइबर अपराध थाने के एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिस पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। युवक ने जिस मोबाइल से रकम ट्रांसफर की वह उसे भी बेच चुका है। एसएससी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि ठगी से जुड़ा परिवार किसान है। युवक बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता को दून दिल्ली एक्सप्रेस वे में अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा मिला था। इस रकम को वह गंवा बैठा।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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