NPS में बस एक चीज जुड़ जाए तो सारा टंटा खत्म! OPS भी हो जाएगी फेल, मिट जाएंगे कर्मचारियों के गिले-शिकवे
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Aug 27, 2024 16:01
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20 साल पहले केंद्र सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को खत्म कर नई पेंशन व्यवस्था (NPS) शुरू की थी, इसके बाद से ही देशभर के लाखों कर्मचारी इसका वि...
20 साल पहले केंद्र सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को खत्म कर नई पेंशन व्यवस्था (NPS) शुरू की थी, इसके बाद से ही देशभर के लाखों कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं और आए दिन आंदोलन-धरना भी होता रहता है, इस पर विराम लगाने के लिए मोदी सरकार ने समिति बनाई, जिसकी सिफारिश पर ठीक 20 साल बाद यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पेश की गई, कर्मचारी संगठनों ने इस योजना में भी तमाम खामियां बताकर विरोध शुरू कर दिया है, इन सभी माथापच्ची और विरोध-आंदोलन को खत्म करते हुए सरकार अगर एनपीएस में सिर्फ एक बदलाव कर दे तो सारी समस्याएं खत्म हो सकती हैं।
दरअसल, एनपीएस में सरकार ने एकमुश्त राशि और पेंशन के लिए दोहरी व्यवस्था की है, इन दोनों ही मानकों को पूरा करने के लिए अंशदान को भी काफी ज्यादा कर दिया गया है. लेकिन, इस योजना की तमाम खूबियों पर बस एक खामी भर पड़ जाती है, कर्मचारियों का विरोध भी इसी एक खामी को लेकर ज्यादा हो रहा है. ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार एनपीएस में सिर्फ एक और सुविधा को जोड़ दे तो यह योजना कई मायनों में ओपीएस से भी बेहतर साबित हो सकती है।
एनपीएस के तहत यह व्यवस्था की गई है कि कर्मचारी और सरकार की ओर से किए गए पूरे अंशदान और उस सर्विस के दौरान मिले ब्याज से जो फंड तैयार होगा, उसका 60 फीसदी कर्मचारी को रिटायरमेंट पर एकमुश्त दे दिया जाएगा, वहीं, 40 फीसदी रकम से एक एन्युटी प्लान खरीदना होगा. इस 40 फीसदी रकम पर जो भी ब्याज आएगा, उसे 12 बराबर भागों में बांटकर हर महीने पेंशन दी जाएगी, अब दिक्कत ये है कि 60 साल की उम्र में रिटायर होने वाले को मान लीजिए 50 हजार की पेंशन मिलनी शुरू हुई तो यही रकम फिक्स हो जाएग, जब तक कि एन्युटी के ब्याज में बढ़ोतरी न हो।
जैसा ऊपर बताया कि एन्युटी पर जो भी ब्याज मिलेगा, उसका 12वां हिस्सा ही आपकी हर महीने की पेंशन होगी, अगर एन्युटी की ब्याज दर नहीं बदलती है तो पेंशन की जो रकम आपको 60 साल की उम्र में मिलेगी, वही 70 साल में रहेगी और 80 साल या 90 साल में भी वही रकम मिलती रहेगी,ऐसे में डर इस बात का है कि महंगाई तो औसतन हर साल 5 से 6 फीसदी की दर से बढ़ेगी, तब आपके हाथ में आने वाली पेंशन इस महंगाई का मुकाबला नहीं कर सकेगी, क्योंकि एनपीएस में सरकार आपको महंगाई भत्ते का लाभ नहीं देती है, एक डर यह भी है कि अगर एन्युटी की ब्याज दर कम हो गई तो आपके हाथ में आने वाली पेंशन भी कम हो जाएगी।
कर्मचारियों को इसी बात का सबसे ज्यादा डर है, क्योंकि महंगाई तो बढ़ रही पर आपकी पेंशन की रकम साल दर साल वही बनी रहेगी, इसका समाधान यह है कि सरकार एनपीएस में भी महंगाई भत्ते का लाभ देना शुरू कर दे, ताकि रिटायरमेंट पर मिलने वाली पेंशन से गुजारा हो सके, साथ ही हर साल बढ़ने वाली महंगाई से भी पेंशन मुकाबला कर सके।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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