काशीपुर में गेहूं खरीद को लेकर किसानों का फूटा गुस्सा, मंडी समिति में जमकर किया हंगामा, अधिकारियों के फूले हाथ पांव
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Apr 16, 2026 01:19
•
1 views
•
0 Comments
उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में गेहूं खरीद को लेकर किसानों का गुस्सा भड़क उठा, खरीद की स्पष्ट व्यवस्था न होने से नाराज किसानों ने मंडी समिति में जमक...
उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में गेहूं खरीद को लेकर किसानों का गुस्सा भड़क उठा, खरीद की स्पष्ट व्यवस्था न होने से नाराज किसानों ने मंडी समिति में जमकर हंगामा किया, जहां तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई, जिससे माहौल गरमा गया, दरअसल, काशीपुर स्थित मंडी समिति में बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब गेहूं खरीद को लेकर नाराज किसानों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया, किसानों का आरोप था कि क्रय केंद्रों पर खरीद की कोई स्पष्ट सीमा तय नहीं की गई है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में किसान मंडी समिति पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन टिकैत युवा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू ने किया, उनके नेतृत्व में जुटे किसानों ने मंडी परिसर में जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया, किसानों का कहना था कि जब सरकार गेहूं की खरीद सही तरीके से नहीं कर पा रही है, तो क्रय केंद्र खोलने का कोई मतलब नहीं रह जाता, स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब आक्रोशित किसानों ने क्रय केंद्र पर तोड़फोड़ शुरू कर दी, उन्होंने वहां रखी टेबलों को पलट दिया, बैनर फाड़ दिए और केंद्र में रखे गेहूं को आग के हवाले कर दिया, इस दौरान मौके पर मौजूद कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, पूरे मंडी परिसर में अफरा - तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सीनियर मार्केटिंग ऑफिसर अतुल चतुर्वेदी का घेराव भी किया और उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई, किसानों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र पर 800 क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, इसलिए फिलहाल खरीद बंद कर दी गई है, हालांकि, इस जवाब से किसान संतुष्ट नहीं हुए और उनका गुस्सा और बढ़ गया।
इसी बीच यह सूचना मिली कि नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा मंडी समिति स्थित गेस्ट हाउस में पहुंचने वाले हैं, ये खबर सुनते ही किसान गेस्ट हाउस के बाहर पहुंच गए और वहां धरना देकर बैठ गए, किसानों को उम्मीद थी कि मंत्री मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद मंत्री के न आने से किसानों में निराशा फैल गई और आखिर में वे वापस लौट गए। यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा, गांव में आने वाले भाजपा नेताओं का विरोध किया जाएगा और उन्हें गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। जितेंद्र सिंह जीतू,प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन टिकैत युवा
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!