एसआईआर सर्वे में BLA की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक दलों की निराशाजनक भूमिका
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Dec 14, 2025 02:55
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देश भर में कांग्रेस, चुनाव के दौरान होने वाली डुप्लीकेट और फर्जी वोटिंग को लेकर पुरजोर तरीके से अपनी आवाज उठा रही है, लेकिन उत्तराखंड में होने जा रहे...
देश भर में कांग्रेस, चुनाव के दौरान होने वाली डुप्लीकेट और फर्जी वोटिंग को लेकर पुरजोर तरीके से अपनी आवाज उठा रही है, लेकिन उत्तराखंड में होने जा रहे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के लिए ब्लॉक लेवल एजेंट BLA-1 और BLA-2 की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस बेहद उदासीन नजर आ रही है, हाल ही में उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश भर के तकरीबन 11 हजार बूथों पर सभी 6 राष्ट्रीय राजनीतिक दलों द्वारा तकरीबन 4 हजार BLA 2 ही अब तक नियुक्त किए गए हैं और यह संख्या पूरे देश भर में उत्तराखंड और पंजाब की सबसे कम है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय जोगदंडे के अनुसार, प्रदेश में स्पेशल इंटेंशन रिवीजन (SIR) सर्वे के लिए राजनीतिक दलों को भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, ताकि आने वाले किसी भी तरह के निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ संपन्न करवाया जा सके और निर्वाचन पर या फिर सरकार पर किसी तरह के पक्षपात का आरोप ना लगे। दरअसल, निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए SIR सर्वे में सभी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों को विधानसभा स्तर पर BLA 1 एजेंट नियुक्त करना है तो वहीं बूथ स्तर पर BLA-2 की नियुक्ति को लेकर निर्देश दिए गए हैं. उत्तराखंड में 6 राष्ट्रीय राजनीतिक दल आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय समाजवादी पार्टी, सीपीआईएम और एनपीपी शामिल हैं।
उत्तराखंड की क्षेत्रीय पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल इन छह राष्ट्रीय पार्टियों में शामिल नहीं है, ऐसे में उत्तराखंड में मौजूद 11 हजार 733 बूथों पर अब तक प्रदेश के दो प्रमुख बड़े दलों में भाजपा द्वारा 2836 और कांग्रेस द्वारा 1259 BLA-2 यानी अब तक मात्र सभी राजनीतिक दलों द्वारा कुल केवल 4155 BLA 2 ही अप्वॉइंट किए गए हैं, जो की बहुत कम है।
इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा दिए गए समय से पहले अपने सभी बूथों पर BLA 2 की नियुक्ति कर दी जाएगी, कांग्रेस पर निशान साधते हुए भाजपा के वरिष्ठ विधायक और प्रवक्ता विनोद चमोली का कहना है कि उन्हें नहीं लगता है कि कांग्रेस यह काम कर पाएगी, क्योंकि कांग्रेस के पास संगठनात्मक ढांचा नहीं है, जबकि भाजपा के पास संगठन का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसमें एक्सपर्ट्स लोगों की भरमार है। -विनोद चमोली, भाजपा प्रवक्ता
वहीं कांग्रेस ने भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि, यदि भाजपा के लोग यह समझ रहे हैं कि कांग्रेस के पास संगठन नहीं है या फिर लोग नहीं है तो यह बीजेपी का बचकाना बयान है, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि प्रदेश में राजनीतिक दल ब्लॉक लेवल एजेंट बनाने की प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, और इसमें भाजपा भी शामिल है, बीएलए बनाने में भाजपा कांग्रेस से थोड़ा आगे जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस के पास लोग नहीं है। -गणेश गोदियाल, कांग्रेस अध्यक्ष, उत्तराखंड
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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