दिल्ली में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, केस वापसी और मुआवजा... सरकार ने मानी सभी मांगें, CJP ने खत्म किया आंदोलन
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jul 25, 2026 21:49
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नीट पेपर लीक मामले को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर में पिछले 36 दिनों से चल अपने आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने खत्म करने का ऐलान किया है। साथ ही आंदोलन से जुड़े छात्रों से अपने घर लौटने की अपील की। शनिवार को केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में वार्ता के बाद सीजेपी प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है। जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, केस वापस लेने और नीट पीड़ितों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग शामिल थी। केंद्र सरकार की ओर से सभी मांगों को मान लिए जाने के बाद सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास व आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में पत्रकारों से चर्चा में यह जानकारी दी।
इस दौरान सीजेपी प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों की जिक्र किया और बताया कि सरकार ने सभी मांगे मान ली। इसके साथ ही उन्होंने तत्काल प्रभाव से आंदोलन खत्म करने का एलान किया। इससे पहले सीजेपी प्रतिनिधियों और सरकार के बीच मांगों को लेकर 20 व 24 जुलाई को भी वार्ता हुई थी। जिसमें 20 जुलाई को जेपी नड्डा के घर पर सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ हुई पहली मुलाकात में उन्होंने इन मांगों को रखा था। इसके बाद 24 जुलाई को सरकार और सीजेपी के बीच दूसरी बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई। जिसमें सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छोड़कर उनकी दोनों मांगों पर सैद्धांतिक रूप से अपनी सहमति दी थी।
सीजेपी ने सरकार को पांच बिंदुओं वाला एक चार्टर भी सौंपा है। जिसके अमल को लेकर चार हफ्ते के बाद फिर से चर्चा करने को लेकर दोनों के बीच सहमति जताई गई है। सीजेपी के चार्टर के मुताबिक एनटीए को भंग करने और एक स्वायत्त नेशनल टेस्टिंग कमीशन बनाया जाए। जहां स्थाई स्टाफ हो। कैग से हर साल उसके वित्तीय व प्रदर्शन की ऑडिट करायी जाए। एसएससी को भी कमीशन का कानूनी दर्जा दिया जाए। अधिसूचना के एक साल के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। पेपर लीक या परीक्षा रद होने आदि पर प्रत्येक छात्र को दस हजार का मुआवजा दिया जाए। वहीं यदि कोई परीक्षा किसी आपात स्थिति में रद की जाए, तो उसे 72 घंटे में फिर कराया जाए।
ओएमआर शीट व उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके मूल्यांकन कराने की जगह फिजिकल मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। वहीं राज्यों को इसकी छूट दी जाए कि वह अपने कोटे की मेडिकल सीट के लिए नीट परीक्षा से बाहर हो सके। नीट का पाठ्यक्रम तय करने में राज्यों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सीजेपी की जो मांगों थी उन्हें मान लिया गया है। इनमें जो अहम मांग थी, वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। वहीं सीजेपी प्रतिनिधि, आशुतोष रांका ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार के साथ हमारी तीन बार बातचीत हुई। हमारी तीन मांगे थी, इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर हुए केस वापस और भविष्य में कोई एक्शन न लिए जाएं, वहीं मृतकों को एक करोड़ मुआवजा देने की थी। हमारी सभी मांगों को मान लिया गया है। हम आंदोलन तुंरत खत्म करने कर रहे है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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