कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) कांस्टेबल जीडी ऑनलाइन परीक्षा में नकल की साजिश नाकाम, गिरोह का सरगना गिरफ्तार
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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May 17, 2026 10:52
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एसटीएफ ने सोमवार को दून में होने वाली कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) कांस्टेबल जीडी ऑनलाइन परीक्षा में नकल की साजिश नाकाम कर दी। एसटीएफ की टीम ने शनिवार...
एसटीएफ ने सोमवार को दून में होने वाली कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) कांस्टेबल जीडी ऑनलाइन परीक्षा में नकल की साजिश नाकाम कर दी। एसटीएफ की टीम ने शनिवार को गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नेहरू ग्राम स्थित सेंट जोन्स एकेडमी केंद्र में दूसरा सर्वर बनाने की तैयारी में था। पुलिस ने केंद्र को सील कर दिया है। आरोपी पूर्व में नकल के मामलों में वांछित चल रहा था। उसके कब्जे से मिनी ब्लूटूथ डिवाइस, सिम बॉक्स, बैटरी, इंटरनेट राउटर आदि बरामद हुए हैं। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एसएससी परीक्षा में पूर्व में नकल में लिप्त रहा गिरोह सोमवार को होने वाली परीक्षा में भी नकल कराने की तैयारी में है। घेराबंदी करते हुए ईश्वरी प्रसाद निवासी नागलई, थाना निहाल विहार, दिल्ली को नेहरू ग्राम स्थित सेंट जोन्स एकेडमी से गिरफ्तार किया गया।
जिस मुख्य आरोपी को एसटीएफ ने गिरफ्तारी की है, वह पहले ही नकल मामले में वांटेड चल रहा है। सवाल यह है कि वह एक बार फिर परीक्षा केंद्र की लैब तक कैसे पहुंच गया। ऐसे में मामले में कई अन्य लोगों के भी शामिल होने की आशंका है। एसटीएफ अन्य की भी गिरफ्तारी कर सकती है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी ईश्वरी प्रसाद उर्फ इंद्रजीत शर्मा ने पूछताछ में बताया कि उसने दिल्ली में अलग-अलग दुकानों में इलेक्ट्रिकल/नेटवर्किंग का काम सीखा है। वह दिल्ली में ही स्कूलों, कॉलेज और दुकानों में इलेक्ट्रिकल/नेटवर्किंग से संबंधित कामों का ठेका लेता था। पूरे देश में करीब 500 लैबों से जुड़ा है। पहले आरोपी नितिश कुमार के साथ काम करता था, जिसे एसटीएफ 2024 में हुई नकल के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। उसने बताया कि कोरोना काल में ईश्वरी प्रसाद की मुलाकात योगेश उर्फ योगी उर्फ इंद्रजीत उर्फ जैक नाम के शख्स से हुई थी। उसने भी लैब बनाने का काम किया था।
एमकेपी देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन की लैब के बारे में उसने बताया कि अक्टूबर 2024 में योगेश उर्फ योगी नितिश कुमार को साथ लेकर देहरादून आया था। उसने उसकी मुलाकात महादेव डिजिटल जोन के मालिक शुभम भटनागर और अंशुल कुमार से कराई। इन सभी ने लैब का पूरा सेटअप तैयार किया था, जिसमें सर्वर रूम से इंटरनेट केबल का एक अलग कनेक्शन यूपीएस रूम के नीचे बने चेंबर तक पहुंचाया गया, जिससे पेपर के सॉल्वर कुछ सिस्टमों का रिमोट एक्सेस ले सकें। सोमवार को होने वाली परीक्षा में भी कुछ ऐसी ही नकल कराने की तैयारी थी। एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से एक लैपटॉप, चार मोबाइल, 14 ब्लूटूथ डिवाइस/रिसीवर डिवाइस, 20 बैटरी, दो राउटर और फर्जी आईडी कार्ड बरामद किए हैं।
एसएसपी ने बताया कि नवंबर 2025 में एसएससी द्वारा आयोजित टियर प्रथम मल्टी टास्किंग स्टाफ परीक्षा और क्लेरिकल स्टाफ की परीक्षा में हुई नकल के संबंध में भी कोतवाली देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में ईश्वरी प्रसाद वांटेड चल रहा था। एक आरोपी इस मामले में भी पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी से पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारी मिली है। पता चला है कि आरोपी नेहरू ग्राम स्थित सेंट जोन्स एकेडमी और कुछ अन्य स्थानों के सर्वर को कम्प्रोमाइज करने की तैयारी में था। पुलिस ने इस मामले में क्षेत्रीय निदेशक, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, दिल्ली को सूचना दे दी है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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