एलयूसीसी घोटाले में सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, 46 लोगों को बनाया आरोपी
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Nov 28, 2025 00:31
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लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोआपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) के 500 करोड़ के बहुचर्चित घोटाले में सीबीआइ/एसीबी देहरादून ने 46 आरोपितों के...
लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोआपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) के 500 करोड़ के बहुचर्चित घोटाले में सीबीआइ/एसीबी देहरादून ने 46 आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआइ ने गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया।
सोसायटी के सदस्यों के विरुद्ध प्रदेश के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर व नैनीताल जिले में 18 मुकदमे दर्ज हैं। घोटाले में एक जून 2024 को तृप्ति नेगी की ओर से कोतवाली कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल में दी लिखित शिकायत के आधार पहला मुकदमा दर्ज किया गया था।
एलयूसीसी ने प्रदेश में विभिन्न जिलों में अपने कार्यालय खोलकर वर्ष 2022 से जमा आपूर्ति, एफडी व आरडी की आड़ पर ठगी करनी शुरू की। वर्ष 2024 में आरोपित सोसायटी के कार्यालय बंद कर फरार हो गए।
इस मामले में आशुतोष नगर ऋषिकेश निवासी आशुतोष ने 25 मार्च 2025 को उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि मेसर्स लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी अवैध रूप से संचालन हो रही है और जनता के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से सोसाइटी के पदाधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। इसके बाद अपर तुनवाला निवासी विशाल छेत्री ने उच्च न्यायालय में एक और जनहित याचिका दायर की।
उन्होंने भी एलयूसीसी के खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाए गए। याचिका के माध्यम से उन्होंने उत्तराखंड के उच्च न्यायालय से मामले की सीबीआइ जांच के लिए प्रार्थना की। उच्च न्यायालय ने 17 सितंबर 2025 को सीबीआइ को निर्देश दिया है कि वह उत्तराखंड में एलयूसीसी से संबंधित सभी आपराधिक मामलों की जांच अपने हाथ में ले। उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआइ ने कोतवाली कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल में दर्ज मुकदमे को मूल एफआइआर मानते हुए केस पंजीकृत किया। सोसाइटी के विभिन्न पदाधिकारियों व एजेंटों व अन्य के विरुद्ध विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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