उत्तराखंड

खून के रिश्ते भी हुए बेमानी, बड़े बेटे ने कब्जाए दोनों घर, मां के साथ भटक रहा छोटा बेटा

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Aug 28, 2025 01:02 1 views 0 Comments
खून के रिश्ते भी हुए बेमानी, बड़े बेटे ने कब्जाए दोनों घर, मां के साथ भटक रहा छोटा बेटा

 राजधानी देहरादून  में संपत्ति का लोभ इतना बढ़ गया है कि खून के रिश्ते भी बेमानी होने लगे हैं। अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बड़े बेटे ने...

 राजधानी देहरादून  में संपत्ति का लोभ इतना बढ़ गया है कि खून के रिश्ते भी बेमानी होने लगे हैं। अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बड़े बेटे ने बंटवारे के बाद भी दोनों भवनों पर कब्जा जमा लिया है। मां और छोटा बेटा किराए के मकान में किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं और न्याय के लिए दर-दर भटकने को विवश हैं।

खून के रिश्ते से मिले गहरे जख्म की यह कहानी भानियावाला निवासी 70 वर्षीय उर्मिला राघव की है। अपना दुखड़ा लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल के पास पहुंची उर्मिला ने बताया कि उनके पति सत्य प्रकाश राघव की मृत्यु मई 2023 में हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद उनका बड़ा बेटा योगेश राघव संपत्ति के लिए छोटे बेटे नवीन के साथ मारपीट करने लगा था।

स्वजनों और परिचितों की सलाह के बाद उन्होंने दोनों बेटों में संपत्ति का बंटवारा करने का निर्णय लिया। ताकि कोई भी एक दूसरे की संपत्ति पर कोई हस्तक्षेप न करे। उर्मिला ने दान विलेख के माध्यम से बड़े बेटे को राघव रेसिडेंसी का तीन मंजिल भवन (आदर्श नगर जौलीग्रांट), जबकि छोटे बेटे को कान्हरवाला का आवासीय भवन दे दिया। दोनों भवनों की रजिस्ट्री भी करवा ली गई थी। बंटवारे में बाद उर्मिला छोटे बेटे के साथ कान्हरवाला के भवन में रहने लगीं।

हालांकि, इसके बाद भी बड़े बेटे योगेश राघव को चैन नहीं आया। वह राघव रेसिडेंसी गेस्ट हाउस का हर माह करीब एक लाख रुपए किराया प्राप्त कर रहा है, जबकि कान्हरवाला के घर पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। वह उन्हें और अपने छोटे भाई को घर में घुसने नहीं दे रहा है। जिस कारण वह दो वर्ष से अन्यत्र किराए पर रहने को विवश हैं।

उर्मिला राघव की शिकायत का त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने उपजिलाधिकारी डोईवाला को कार्रवाई के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह कोई कैसे अवैध रूप से दूसरे की संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि घर खाली कराने के लिए जरूरत पड़े तो पुलिस का भी सहयोग लिया जा सकता है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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