उत्तराखंड

देहरादून में भाजपा कार्यकर्ताओं का कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन, सड़क पर मचा घमासान

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Sep 02, 2025 15:32 1 views 0 Comments
देहरादून में भाजपा कार्यकर्ताओं का कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन, सड़क पर मचा घमासान

देहरादून की राजपुर रोड सोमवार को सियासी जंग का अखाड़ा बन गई। भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी...

देहरादून की राजपुर रोड सोमवार को सियासी जंग का अखाड़ा बन गई। भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी, धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ।

एस्ले हाल चौक से लेकर कांग्रेस मुख्यालय तक सड़क जाम हो गईं। पुलिस को बीच-बचाव में पसीना छूट गया। करीब डेढ़ घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा और झड़प के हिंसा में न बदलने की आशंका बनी रही। हल्की वर्षा के बीच दोनों ही राष्ट्रीय पार्टी के भाजपा महानगर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री मोदी की माता के लिए अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया। जिसके विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय कूच करने का ऐलान किया था।

लैंसडौन चौक स्थित भाजपा महानगर कार्यालय से महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा के नेता व कार्यकर्ता एकत्रित हुए। दोपहर बाद तीन बजे कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन के लिए कूच किया। कांग्रेस और राहुल गांधी के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए भाजपाई आगे बढ़े और राहुल गांधी के सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।

पुलिस ने एस्ले हाल चौक से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को धक्का देकर कई कार्यकर्ता आगे निकल गए। भाजपा नेता राहुल पंवार रैली में सबसे आगे रहे और कई बार पुलिस से भिड़ते नजर आए।राजपुर रोड विधायक खजानदास, कैंट विधायक सविता कपूर, दर्जाधारी कैलाश पंत, विनोद उनियाल, पुनीत मित्तल, शादाब शम्स, अनिल गोयल समेत कई बड़े नेताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर पुलिस का घेरा तोड़ने का प्रयास किया।

हालांकि, गिनती के पार्षद ही कूच में शामिल हुए, जिससे भाजपा के अंदरूनी समीकरणों पर भी सवाल उठ रहे हैं। करीब डेढ़ घंटे तक हंगामे के बाद पुलिस की सख्ती और लाठीचार्ज की चेतावनी के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता पीछे हटे। भाजपा कार्यकर्ता अपने महानगर कार्यालय लौट गए। कांग्रेस कार्यकर्ता भी कांग्रेस भवन के भीतर लौट आए। हालांकि, इसके बाद दोनों दलों के पदाधिकारी बयानबाजी करते दिखे। एक-दूसरे पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए उन्होंने कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना ने पहले ही पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी। उनका आरोप है कि भाजपा असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर कांग्रेस मुख्यालय में हिंसा की साजिश रच रही है। अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी भाजपा और पुलिस प्रशासन की होगी।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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