भीमताल बस एक्सीडेंट: हादसे के बाद भी 'मैडम' ने नहीं उठाया फोन, शासन ने काठगोदाम आरएम को किया निलंबित
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Dec 26, 2024 09:02
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बुधवार को भीमताल क्षेत्र में हुए रोडवेज बस हादसे के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है, प्रबंध निदेशक ने आदेश जारी करते हुए मंडलीय प्रबंधक (संचालन...
बुधवार को भीमताल क्षेत्र में हुए रोडवेज बस हादसे के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है, प्रबंध निदेशक ने आदेश जारी करते हुए मंडलीय प्रबंधक (संचालन) उत्तराखंड परिवहन निगम कुमाऊं मंडल काठगोदाम पूजा जोशी को निलंबित कर दिया है, बताया जा रहा है कि हादसे के बाद पूजा जोशी के उच्च अधिकारियों का फोन तक नहीं उठाया, जिसके बाद उन पर निलंबन की गाज गिरी है।
Uk360 न्यूज से बातचीत में उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक (कार्मिक) पवन मेहरा ने आदेश की पुष्टि की, उन्होंने बताया कि बस हादसे के बाद बुधवार की शाम को कुमाऊं मंडल की मंडलीय प्रबंधक (संचालक) पूजा जोशी को निलंबित कर परिवहन निगम मुख्यालय में अटैच किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि, बस हादसे के दौरान पुलिस प्रशासन रेस्क्यू टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई, लेकिन मंडलीय प्रबंधक द्वारा विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतते हुए फोन तक नहीं उठाया गया, उनके द्वारा अपने कर्तव्य और दायित्व का सही से निर्वहन नहीं किया जाना पाया गया है, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है, यही नहीं, पूर्व में भी उनके द्वारा कार्यों में लापरवाही को लेकर अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित थी, इसके बाद मुख्यालय द्वारा कार्रवाई की गई है।
गौर हो कि, बुधवार (25 दिसंबर) को भीमताल थाना क्षेत्र अंतर्गत पिथौरागढ़ से हल्द्वानी आ रही रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि 24 लोग घायल हैं, अधिकतर घायलों का हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि कई घायलों हालत नाजुक बनी हुई है।
उत्तराखंड सरकार द्वारा हादसे में मरने वाले लोगों के परिजनों और घायलों को मुआवजे की घोषणा की गई है, हादसे में मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए दिए जाएंगे, जबकि सरकार ने गंभीर रूप घायलों को ढाई लाख रुपए देने की घोषणा की है, हादसे में मामूली घायल यात्रियों को 15 से 25 हजार रुपए दिए जाएंगे।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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