पिथौरागढ़ में 600 पीआरडी जवानों की सेवा समाप्ति के आदेश से आक्रोश, सीएम धामी से लगाई नौकरी बचाने की गुहार
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Mar 31, 2025 09:25
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विभाग द्वारा बजट खत्म करने और पीआरडी जवानों 30 अप्रैल तक ही तैनाती देने के आदेश से नाराजगी है, पिथौरागढ़ में पीआरडी जवानों ने आंदोलन का मन बना लिया ह...
विभाग द्वारा बजट खत्म करने और पीआरडी जवानों 30 अप्रैल तक ही तैनाती देने के आदेश से नाराजगी है, पिथौरागढ़ में पीआरडी जवानों ने आंदोलन का मन बना लिया है, इसके साथ ही इन जवानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनकी नौकरी बचाने की गुहार लगाई है।
एक ओर पीआरडी यानी प्रांतीय रक्षक दल के जवान वर्ष भर ड्यूटी की मांग लम्बे समय से करते आ रहे हैं, वहीं पिछले दिनों से सीएम से लेकर युवा कल्याण मंत्री ने पीआरडी जवानों की वर्षभर ड्यूटी देने की बात कही थी, पिथौरागढ़ जिले में युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के पीआरडी जवानों को जिला युवा कल्याण अधिकारी के द्वारा बजट नहीं होने की बात कहकर 31 मार्च तक बाहर कर दिया गया है, जवानों के आक्रोश को देखते हुए फिर जिला युवा कल्याण अधिकारी पिथौरागढ़ के द्वारा 30 अप्रैल 2025 तक ही पीआरडी जवानों को ड्यूटी देने का आदेश जारी किया है।

इस आदेश के बाद पीआरडी जवानों में आक्रोश फैल गया है, जिले के सभी पीआरडी जवानों ने जिलाध्यक्ष दीपा सामंत के नेतृत्व में पिथौरागढ़ में बैठक की, इन लोगों ने कहा कि पिछले एक दशक से लगातार पीआरडी जवान आपदा से लेकर कोरोना, चुनाव सहित सभी स्थानों में अल्प मानदेय पर काम कर रहे हैं, पहली बार विभाग के द्वारा पीआरडी जवानों को बाहर करने का आदेश जारी किया गया है।
जिले के 600 से अधिक पीआरडी जवान अपने मानदेय से ही परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं, हमें महीने का सिर्फ 18,500 रुपए ही मानदेय मिलता है, बच्चों की पढ़ाई से लेकर सभी खर्चों का वहन इसी मानदेय से किया जा रहा है, अचानक विभागीय आदेश के बाद पीआरडी जवान मानसिक तनाव में आ गये हैं, हम सीएम धामी से निवेदन करते हैं कि हमारी मांगों को सुना जाए. हमारे जवानों की नौकरी बचाई जाए।
दीपा सामंत, जिलाध्यक्ष, पीआरडी संगठन
पीआरडी संगठन की जिलाध्यक्ष दीपा सामंत ने कहा कि आज तक कभी इस तरह की स्थिति नहीं आई कि जवानों की रोजी रोटी छीनी जाए, पीआरडी जवानों की ड्यूटी का बजट अन्य कार्यों में लगाकर ड्यूटी से हटाया जा रहा है, हम चेतावनी देते हैं कि किसी भी जवान को जबरन हटाया जाता है, तो जवान सामूहिक रूप से आंदोलन को बाध्य होंगे, पीआरडी जवानों ने न्याय नहीं मिलने पर कोटगाड़ी देवी के दरबार में भी गुहार लगाने की बात कही है, पीआरडी जवानों ने जिले के सभी विधायकों और सीएम को पत्र भेजकर गुहार लगाई है, इधर जिला युवा कल्याण जगदीश नेगी ने बताया कि डीएम के आदेश पर सभी विभागों में 30 अप्रैल तक ही तैनाती के आदेश दिए गये हैं।
पीआरडी जवान यानी प्रांतीय रक्षक दल के जवानों को पुलिस थानों की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन में लगाया जाता है, इसके साथ ही जवान मेलों, तीर्थ स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर भी तैनात किए जाते हैं, इन्हें विभिन्न कार्यों में पुलिस की सहायता के लिए भी तैनात किया जाता है, पुलिस थानों के साथ ही पीआरडी जवानों को कई सरकारी संस्थानों में भी तैनात किया जाता है, उत्तराखंड में इस समय करीब 9000 पीआरडी जवान हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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