उत्तराखंड चुनाव से पहले भाजपा-कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी, 14 क्षेत्रीय दल बनाएंगे अलग गठबंधन
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Oct 26, 2026 11:27
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उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए विभिन्न क्षेत्रीय दल अपना अलग गठबंधन बना सकते हैं। उत्तराखंड क्रांति दल के आह्वान पर देहरादून में रविवार को हुए ‘मंथन 2027-क्षेत्रीय एकता से उत्तराखंड का राजनीतिक विकल्प’ कार्यक्रम में इस पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान 14 दलों ने अलग गठबंधन की हुंकार भरी। जानकारों का मानना है कि इन क्षेत्रीय दलों के साथ आने से आगामी विधानसभा चुनाव में समीकरण बदल सकते हैं, खासकर भाजपा और कांग्रेस को टक्कर मिल सकती है। रविवार को देहरादून में जिला पंचायत भवन में हुए कार्यक्रम में उत्तराखंड के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, राज्य आंदोलनकारियों, विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रीय राजनीतिक शक्तियों के बीच एकजुटता, संभावित गठबंधन, साझा न्यूनतम कार्यक्रम और संयुक्त चुनावी रणनीति की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने के लिए क्षेत्रीय दलों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर संवाद और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
उत्तराखंड क्रांति दल मेरी जमीन मेरा अभिमान अभियान चलाया जाएगा। आम जन को भू कानून से जुड़ी बारीकियों को लेकर जागरूक किया जाएगा। स्थानीय लोग अपने पुरखों की जमीनों को बाहरी लोगों को न बेचे, इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उक्रांद अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि राज्य के लोगों को उनका मूल अधिकार सुनिश्चित कराया जाएगा। राज्य के मूल निवासियों की जमीनों को खुर्दबुर्द किया जा रहा है। आने वाले समय में राज्य के मूल निवासी भूमिहीन न हो, इसके लिए उक्रांद मेरी जमीन मेरा अभिमान के साथ लोगों के बीच जाएगा। उक्रांद, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, स्वाभिमान मोर्चा, राष्ट्रीय रिजनल पार्टी, समानता पार्टी, हिमालय क्रांति पार्टी, विकास पार्टी, राज्य आंदोलनकारी मंच, पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त सैनिक संगठन, बेरोजगार संघ, देवभूमि फाउंडेशन, पहाड़ स्वाभिमान सेना, गढ़-कुमाऊं एलायंस, कोटद्वार बचाओ संघर्ष समिति शामिल हुए।
इस दौरान मूल निवास, सशक्त भू-कानून, जल-जंगल-जमीन पर स्थानीय जनता के अधिकार, पलायन, बेरोजगारी, परिसीमन और उत्तराखंड के संसाधनों पर प्रदेशवासियों के अधिकार जैसे विषयों पर विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर संवाद हुआ। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्रीय दलों में समन्वय जरूरी है। दलों ने आगामी चुनावों में एक प्रभावी विकल्प के रूप में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। इसके लिए क्षेत्रीय दल आपस में निरंतर संवाद स्थापित करेंगे।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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