डीएम रयाल के निर्देश, सभी काेचिंग और स्कूल की फायर NOC, CCTV, भवन सुरक्षा, आपदा प्रबंधन समेत 19 बिंदुओं पर होगी जांच
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jun 24, 2026 07:15
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जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में संचालित निजी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, संरक्षा, स्वास्थ्य तथा आपद...
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में संचालित निजी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, संरक्षा, स्वास्थ्य तथा आपदा जोखिम न्यूनीकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन संस्थानों का संयुक्त निरीक्षण एवं सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दिनांक 04 जून 2026 को होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, होम-स्टे, मॉल, बैंक्वेट हॉल एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों में अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं संरचनात्मक सुरक्षा व्यवस्थाओं के संयुक्त निरीक्षण/सुरक्षा ऑडिट हेतु गठित समितियां अब अपने-अपने क्षेत्राधिकार में संचालित समस्त निजी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों का भी संयुक्त निरीक्षण एवं सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करेंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों में घटित अग्निकांड एवं अन्य दुर्घटनाओं की घटनाओं के दृष्टिगत विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से व्यापक सुरक्षा मानकों के आधार पर निरीक्षण अभियान संचालित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान विभिन्न बिंदुओं का विशेष रूप से परीक्षण किया जाएगा।
- संस्थान के संचालन हेतु सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मान्यता, पंजीकरण एवं अनुमति पत्रों की जांच।
- अग्निशमन विभाग द्वारा निर्गत अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) की उपलब्धता, वैधता एवं उसके अनुपालन की समीक्षा।
- अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर प्रणाली, हाइड्रेंट तथा आपातकालीन निकास व्यवस्था की उपलब्धता एवं कार्यशीलता का परीक्षण।
- भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, भवन उपयोग की स्वीकृत क्षमता तथा वास्तविक छात्र संख्या का परीक्षण।
- विद्युत वायरिंग, विद्युत उपकरणों, डीजी सेट, इन्वर्टर, गैस भंडारण एवं अन्य संभावित अग्नि जोखिम कारकों की जांच।
- कक्षाओं, गलियारों, सीढ़ियों एवं निकास मार्गों की पर्याप्त चौड़ाई तथा अवरोध मुक्त स्थिति का परीक्षण।
- छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुरूप सुरक्षित बैठने की व्यवस्था, कक्ष क्षमता तथा आवश्यकता से अधिक भीड़भाड़ की स्थिति का आकलन।
- संस्थान में आपदा प्रबंधन योजना (डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान), निकासी मानचित्र (इवैक्यूएशन प्लान) तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की उपलब्धता की जांच।
- विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए नियमित मॉक ड्रिल आयोजित किए जाने तथा कार्मिकों को अग्निशामक यंत्रों के प्रयोग का प्रशिक्षण दिए जाने की स्थिति का परीक्षण।
- विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजिका, अभिभावकों के संपर्क विवरण तथा आपातकालीन सूचना तंत्र की उपलब्धता की समीक्षा।
- सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता तथा प्रवेश-निकास नियंत्रण व्यवस्था का परीक्षण।
- छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक सुरक्षा उपाय, पृथक शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा शिकायत निवारण तंत्र की उपलब्धता की जांच।
- दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों हेतु सुगम एवं सुरक्षित निकासी व्यवस्था का परीक्षण।
- प्राथमिक उपचार पेटी (फर्स्ट एड बॉक्स), चिकित्सकीय आपातकालीन सहायता तथा निकटतम स्वास्थ्य संस्थान से समन्वय व्यवस्था की उपलब्धता की समीक्षा।
- स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की पर्याप्तता, साफ-सफाई एवं स्वास्थ्यकर वातावरण का परीक्षण।
- विद्यालय वाहनों एवं परिवहन व्यवस्था (जहां लागू हो) के संबंध में निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच।
- राहत एवं बचाव वाहनों की संस्थान तक निर्बाध पहुंच की स्थिति का परीक्षण।
- जनसुरक्षा के लिए तात्कालिक खतरा उत्पन्न करने वाली गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई हेतु संस्तुति।
- सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिनियमों एवं नियमों के अंतर्गत विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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