अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चाओं में रहने वाले उत्तराखंड में बीजेपी के वरिष्ठ और विधायक बंशीधर भगत का बयान आज काफी सुर्खियों में है, उन्होंने सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े करते हुए अपनी ही पार्टी के लिए बड़ी बात कह दी, बंशीधर भगत ने यहां तक कह दिया है कि वर्ष 2027 के चुनाव में हालात मुश्किल हो सकते हैं और सिर्फ ‘मोदी-मोदी’ कहने से काम नहीं चलेगा, उन्होंने ये बयान कैबिनेट मंत्री खजानदास के सामने दिया है, आईए जानते है, बीजेपी के विधायक ने इस तरह का बयान क्यों दिया है, दरअसल, हल्द्वानी में जिला योजना की बैठक हुई थी, इस बैठक में विकास कार्यों और बजट को लेकर तीखी चर्चा देखने को मिली।
बैठक में नैनीताल जिले के प्रभारी मंत्री खजान दास की मौजूदगी में वर्ष 2026-27 के लिए 70 करोड़ से अधिक की योजना को मंजूरी दी गई, इस बैठक में जनपद के सभी जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, तभी बीजेपी विधायक बंशीधर भगत ने जल जीवन मिशन को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। बीजेपी विधायक बंशीधर भगत ने बैठक में प्रभारी मंत्री खजान दास के सामने ही अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पहले तो जल जीवन मिशन पर सवाल खड़े किए है, फिर कहा कि, क्षेत्र में जल जीवन मिशन को लेकर “त्राहिमाम” की स्थिति बनी हुई है, अगर यही हाल रहा तो वर्ष 2027 के चुनाव में हालात मुश्किल हो सकते हैं और सिर्फ ‘मोदी-मोदी’ कहने से काम नहीं चलेगा। बैठक में बीजेपी विधायक बंशीधर भगत ने बताया कि पहले सड़कों को खोदा गया, फिर नलकूप और ओवरहेड टैंक बनाए जा रहे हैं, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में तीन साल लग चुके हैं और अभी भी काम अधूरा है. लोगों को आज भी टूटी और खोदी गई सड़कों पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें दोष देना उचित नहीं है, बल्कि असली समस्या बजट की कमी है, उन्होंने प्रभारी मंत्री से आग्रह किया कि या तो पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए या फिर जिन कार्यों को फिलहाल रोका जा सकता है, उन्हें कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया जाए, ताकि प्राथमिक कार्य पूरे हो सकें और जनता को राहत मिल सके, बीजेपी विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि उनके यहां की पहली समस्या पानी और सड़क है, बाकि समस्याओं को तो बाद में देख लिया जाएगा, जिला योजना में लोक निर्माण विभाग को 10 करोड़, जल संस्थान को 6 करोड़, युवा कल्याण को 5 करोड़ 80 लाख, सिंचाई विभाग को 4 करोड़ 25 लाख, उद्यान विभाग को 4 करोड़, पशुपालन विभाग को 3 करोड़ 10 लाख, नलकूप को 3 करोड़ 12 लाख और कृषि विभाग को 2 करोड़ 40 लाख सहित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।



