उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के बहादराबाद क्षेत्र में 2 दिन पहले एयरफोर्स के रिटायर कर्मी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रिटायर कर्मी के बेटे ने ही अपने दोस्तों के साथ मिलकर पिता की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। उत्तराखंड पुलिस ने सोमवार को बेटे समेत 3 अन्य को गिरफ्तार कर लिया। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि पिता की करोड़ों की संपत्ति अपने नाम करवाने के लिए बेटे ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची।
आरोपी बेटे का नाम यशपाल सिंह (21) है। उसने अपने दो दोस्तों ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हत्या के बाद यशपाल ने स्वयं पुलिस को फोन कर यह झूठी जानकारी दी कि उसके पिता भगवान सिंह की हत्या किसी अज्ञात युवक ने कर दी है। बेटे का कहना था कि वह पिता के साथ एक शादी में शामिल होने के लिए रोशनाबाद जा रहा था और रास्ते में ज्वालापुर के जटवाड़ा पुल पर एक युवक ने लिफ्ट मांगी।
यशपाल ने कहा कि कार में बैठते ही उस युवक ने उसके पिता भगवान सिंह को गोली मार दी और कार रुकते ही फरार हो गया। पुलिस मौके पर पहुंची और यशपाल से पूछताछ की। आरोपी बेटा अपने दोस्त की शादी के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं दे पाया। इससे पुलिस को उस पर शक हुआ। डोबाल ने बताया कि घंटों की पूछताछ के दौरान वह बार-बार बयान बदलता रहा।
हालांकि पुलिस की सख्ती से वह टूट गया और अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि दो दोस्तों के साथ मिलकर उसने पिता की हत्या की साजिश रची थी। उसके पिता भगवान सिंह के पास करोड़ों की संपत्ति थी। वह बेटे की गलत आदतों के कारण उससे नाराज रहते थे। यशपाल लगातार संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। यशपाल सिंह ने उसे संपत्ति से बेदखल करने की बात भी कही थी। इससे नाराज होकर उसने पिता को रास्ते से हटाने का फैसला किया।
उसने हत्या को अंजाम देने के लिए दोस्तों को एक स्कॉर्पियो गाड़ी और 30 लाख रुपये देने का वादा किया था। शनिवार रात करीब आठ बजे यशपाल पिता को शादी में ले जाने के बहाने ज्वालापुर-बहादराबाद नहर पटरी पर जटवाड़ा पुल से आगे ले गया। उसने कार रुकवाई और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गया। इसी दौरान ललित मोहन वहां पहुंचा जिसे यशपाल ने दोस्त बताकर कार में बैठा लिया।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि कार में बैठते ही ललित ने अपने पास मौजूद 315 बोर तमंचे से भगवान सिंह की कनपटी पर दो गोलियां मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह कार से उतरा। वहां शेखर उसका इंतजार कर रहा था। दोनों मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल 315 बोर का तमंचा, कारतूस और वारदात के समय पहने जैकेट और जूते बरामद कर लिए हैं।



