उत्तराखंड में ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुल रहे हैं। सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की ‘भारतनेट’ योजना गांवों के युवाओं को स्वरोजगार का अवसर दे रही है। इस योजना से जुड़कर युवा अपने गांव में ही काम शुरू कर सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं। देहरादून में बीएसएनएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक विजय पाल ने बताया कि भारतनेट योजना का उद्देश्य गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। योजना के तहत स्थानीय युवाओं को ‘भारतनेट उद्यमी’ बनने का मौका दिया जा रहा है। इससे गांवों में इंटरनेट सेवाओं का विस्तार भी होगा और युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
भारतनेट उद्यमी बनने के लिए किसी बड़ी डिग्री की जरूरत नहीं है। योजना में आवेदन करने के लिए न्यूनतम योग्यता 10 वीं पास रखी गई है। इच्छुक युवा अपने क्षेत्र के उप-मंडलीय अभियंता कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। चयन होने के बाद वे अपने क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराने और ग्राहकों से जुड़ी सेवाएं देने का काम कर सकते हैं। योजना से जुड़ने के लिए करीब एक लाख रुपए का शुरुआती निवेश करना होगा। इसके बाद उद्यमी अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध करा सकता है। बीएसएनएल की ओर से तकनीकी सहायता और जरूरी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
सरकार और बीएसएनएल की ओर से उद्यमियों को प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। यदि किसी ग्राम पंचायत की आबादी एक हजार से कम है तो उद्यमी को 5,400 रुपए की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी। एक हजार से दो हजार आबादी वाले गांवों में भी 5,400 रुपए का लाभ मिलेगा। वहीं, दो हजार से तीन हजार आबादी वाले गांवों के लिए 4,400 रुपए की प्रोत्साहन राशि तय की गई है। इस योजना की सबसे खास बात कमाई का मॉडल है। उद्यमी को केवल प्रोत्साहन राशि ही नहीं मिलेगी, बल्कि हर नए इंटरनेट कनेक्शन से होने वाली आय में भी हिस्सा मिलेगा। इसके अलावा ग्राहकों के मासिक रिचार्ज से होने वाली कमाई का 50 प्रतिशत हिस्सा भी उद्यमी को दिया जाएगा। इससे हर महीने नियमित आय का स्रोत बन सकता है।



