देश-दुनिया में योगनगरी के रूप में विख्यात ऋषिकेश को पर्यटन के क्षेत्र में अलग पहचान के दिलाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। बैराज जलाशय में सहासिक क्रीड़ा की गतिविधियों में कदम बढ़ाते हुए बैराज जलाशय में सी-प्लेन उतारा गया है। इससे ऋषिकेश में पर्यटन बढ़ने की उम्मीद जगी है। सोमवार को यूजेवीएनएल के बैराज जलाशय में शाम करीब छह बजे सी-प्लेन टूइन ऑटर की सफल लैंडिंग हुई। यह प्लेन जौलीग्रांट एयरपोर्ट के रन-वे से शाम पांच बजकर 53 मिनट पर उड़ान भरकर महज सात मिनट में ही जलाशय तक पहुंचा गया।
जलाशय में पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए 19 सीटर सी-प्लेन पहली दफा लैंड हुआ। सुरक्षित लैंडिंग के बाद संचालक स्काई हॉप कंपनी के अधिकारी खुश दिखे। तीसरी लैंडिंग और टैक ऑफ का ट्रायल मंगलवार को किया जाएगा। सी-प्लेन की लैंडिंग के लिए न्यूनतम दो मीटर की ऊंचाई तक के पानी की आवश्यकता होती है। डीएचसी6 सीरीज 400 का यह सी-प्लेन जलाशय में लैंड होने के बाद लोगों के लिए उतरने के लिए बने जेटी पाथ तक भी पहुंचा। चंद मिनट रुकने के बाद फिर से सी-प्लेन ने जलाशय से उड़ान भरी। सी-प्लेन में पायलट, को-पायलट और इंजीनियर सवार थे। सुरक्षा के मद्देनजर एसडीआरएफ, पुलिस, फायर बिग्रेड के जवान भी मौके पर तैनात रहे। स्काई हॉप के अधिकारियों ने बताया कि जलाशय में सी प्लेन उतारने के लिए दो दफा लैंडिंग और टैक ऑफ हुआ।
प्रमुख सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि आज ऋषिकेश में यह सी प्लेन लैंड हुआ है। नागरिक उड्डयन विभाग ने ये काम किया। जल विद्युत निगम ने इसके लिए काफी दिनों से प्रयास करते हुए पानी का लेवल मेंटेन करके रखा है। प्रबंध निदेशक यूजेवीएनएल अजय कुमार सिंह ने कहा कि मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के निर्देशानुसार जलाशय में इस गतिविधि की अनुमति प्रदान की गई है। सी-प्लेन संचालन से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों क्षेत्र में भी सहायक सिद्ध होगा।



