राज्य स्थापना की 25 वीं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान बहुद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया।
इस दौरान बहुत जैसी शिविर में विभिन्न विभागों के स्टाल लगाए गए इंस्टालोन के माध्यम से उपस्थित लोगों ने विभागों से संचालित योजनाओं की जानकारी हासिल की। इस अवसर पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि आंदोलनकारी ने जिस उद्देश्य के लिए उत्तराखंड राज्य की मांग के लिए आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी हम सब मिलकर उनके सपनों को साकार करेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य के आंदोलनकारी को आज इस शिविर में सम्मानित किया गया। मैंने कहा कि आज इस शिविर के माध्यम से ग्रामीण लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जाए योजना की जानकारी दी गई, विभिन्न विभागों के द्वारा यहां पर जो स्टाल लगाए गए हैं के माध्यम से लोग विभाग अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं।
वहीं राज्य आंदोलनकारी महेश सिंह परिहार ने कहा कि को हासिल करने 42 लोगों ने अपनी शहादत दी है उन्होंने कहा कि राज्य में मूल मूलभूत समस्याओं में थोड़ा बहुत परिवर्तन तो हुआ है लेकिन जिस तरीके का मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए थी वह आज तक अभी चल पाई है उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारी को केवल सम्मानित करने से राज्य की अवधारणा पूरी नहीं हो सकेगी जब तक राज्य के अंतिम गांव में बैठे व्यक्ति को मूलभूत सुबह सुविधाएं मुहैया नहीं की जाएगी।



