विद्यालयी शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित चतुर्थ श्रेणी भर्ती को लेकर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कड़ा रुख अपनाया है, विभाग के विभिन्न कार्यालयों और विद्यालयों में 2364 पद खाली होने पर मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई है, उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को गंभीर मानते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए, सेवा शर्तें तय करने के लिए विभागीय समिति गठित करने को कहा गया है, इसके साथ ही प्रयाग पोर्टल और सेवायोजन विभाग से समन्वय कर आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालयी शिक्षा विभाग में वर्षों से लंबित पड़ी चतुर्थ श्रेणी भर्ती को लेकर अब सरकार सख्त रुख अपनाती नजर आ रही है, मामले में विभागीय मंत्री धन सिंह रावत ने भर्ती प्रक्रिया में हो रही लगातार देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है, साथ ही अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है, उन्होंने साफ शब्दों में निर्देश दिए हैं कि 2364 रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, दरअसल, धन सिंह रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी, जिसमें विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों और विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के पद लंबे समय से खाली की बात सामने आई, इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि इन स्थितियों से विभागीय कार्यों के साथ-साथ स्कूलों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं, इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया आगे न बढ़ना बेहद गंभीर मामला माना गया।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय स्तर पर एक समिति का तत्काल गठन किया जाए, जो चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की सेवा शर्तों को स्पष्ट और ठोस रूप में तय करें, उन्होंने यह भी कहा कि सेवा शर्तों के अभाव में भर्ती प्रक्रिया बार-बार अटकती रही है, जिसे अब किसी भी सूरत में दोहराया नहीं जाना चाहिए, इसके साथ ही शिक्षा मंत्री ने प्रयाग पोर्टल और कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र अभ्यर्थियों का चयन पारदर्शी और सुचारु तरीके से किया जा सके, मंत्री ने कहा कि विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हुआ है, जिसे अब दूर किया जाना जरूरी है।
मंत्री के निर्देशों के क्रम में शासन स्तर से विभागीय अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है, पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि एक सप्ताह के भीतर विभागीय समिति का गठन कर सेवा शर्तें तय की जाएं और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए, इसके साथ ही प्रयाग पोर्टल के माध्यम से अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, धन सिंह रावत ने अधिकारियों को चेताया कि तय समय सीमा में कार्रवाई न होने की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी, उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की नियुक्ति से न केवल विभागीय कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि विद्यालयों में साफ-सफाई, रखरखाव और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी, ऐसे में सरकार इस भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
