अल्मोड़ा में पुलवामा हमले की बरसी पर शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और पूर्व सैनिकों एसपी जवानों और स्कूल के छात्र-छात्राओं ने एकत्र होकर दो मिनट का मौन रखकर वीर जवानों को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हुए थे। इस घटना की स्मृति में अल्मोड़ा के विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शहीदों के साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि पुलवामा हमला केवल एक आतंकी घटना नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी भी था। इसने सुरक्षा व्यवस्था, खुफिया तंत्र और आतंकवाद के खिलाफ रणनीति पर नए सिरे से सोचने की जरूरत को उजागर किया। सरकार ने इसके बाद कई सुरक्षा सुधार किए और आतंकवाद के खिलाफ नीति को और मजबूत किया।
आज भी जब पुलवामा का नाम लिया जाता है, तो शहीद जवानों की वीरता और बलिदान को नमन किया जाता है।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे सैनिक किस हद तक त्याग करते हैं। उनके साहस और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, देश की सुरक्षा के लिए उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा। युवाओं से देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय अखंडता बनाए रखने का आह्वान किया गया। स्थानीय लोगों ने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि देश हमेशा अपने वीर सपूतों के बलिदान को याद रखेगा।



