अल्मोड़ा में उत्तराखंड क्रांति दल यूकेडी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों पर जमकर निशाना साधा। यूकेडी नेताओं ने कहा कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी उत्तराखंड की मूल समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं और सत्ता में रही दोनों राष्ट्रीय पार्टियों ने जनता के साथ सिर्फ छल किया है। यूकेडी नेताओं ने उत्तराखंड की स्थाई राजधानी का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि आज भी राज्य की स्थाई राजधानी तय न होना उत्तराखंड के साथ अन्याय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए इस मुद्दे को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन जमीन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। यूकेडी ने पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर भी दोनों दलों को कटघरे में खड़ा किया। नेताओं ने कहा कि पहाड़ से लगातार हो रहा पलायन सरकारों की विफल नीतियों का परिणाम है, जबकि युवाओं को रोजगार देने के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। यूकेडी की नीतियों और विचारधारा से प्रभावित होकर कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की।
यूकेडी नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह समर्थन दर्शाता है कि जनता अब क्षेत्रीय दलों की ओर उम्मीद की नजर से देख रही है। यूकेडी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे उत्तराखंड के मूल मुद्दों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें और राज्य के हित में मजबूत विकल्प को आगे बढ़ाएं।



