मसूरी के वाइनबर्ग एलन स्कूल की भूमि पर बनी बाबा बुल्लेशाह की मजार को क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले में पुष्कर धामी सरकार ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अन्य अज्ञात लोगों को वीडियो के आधार पर चिन्हित किया जा रहा है। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस तैनात कर दी गयी। पुलिस-प्रशासन ने मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। रविवार को सोशल मीडिया पर मसूरी स्कूल में बनीं बुल्लेशाह की मजार तोड़ने का वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग जय श्रीराम के नारे लगाते हुए मजार को हथौड़े और अन्य हथियारों से तोड़ रहे हैं।
इस वीडियो के बाद मुस्लिम समाज ने जमकर विरोध किया। अब पुलिस की सख्ती के बाद किसी को भी मजार के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं, मजार को नुकसान पहुंचाने की जानकारी मिलने पर देर रात को ही मुस्लिम समाज के लोग भी मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। रविवार को देहरादून से मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी सद्दाम कुरैशी व आकिब कुरैशी मसूरी कोतवाली पहुंचे और शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं बाबा बुल्ले शाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कोतवाली में शिकायती पत्र देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। अग्रवाल ने कोतवाली में दी तहरीर में कहा कि बाबा बुल्लेशाह की मजार वाइनबर्ग ऐलन स्कूल की संपत्ति पर है, जिसमें विभिन्न लोगों की आस्था है।
कुछ असामाजिक तत्वों ने बाबा बुल्लेशाह की मजार में शनिवार की रात्रि को तोड़ फोड कर मजार को क्षतिग्रस्त कर दिया। यह सुनियोजित तरीके से द्वेष भावना पैदा करने के लिए किया गया है। तहरीर में दानपात्र, से चोरी, चांदी के मुकुट व अन्य सामान की चोरी भी बताई गयी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने भी कोतवाली में पत्र देकर बाबा बुल्लेशाह की मजार पर तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने व चोरी का खुलासा करने की मांग की है।सीओ मनोज असवाल ने कहा कि मामले में अकरम खान की लिखित तहरीर व सोशल मीडिया पर डाली गई वीडियो में दिखने वाले हरिओम, शिवम व श्रद्धा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अन्य के खिलाफ वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित कर आगे कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच के लिए एसआई बुद्धि प्रकाश कर रहे हैं।



