जिले के सुमाड़ी क्षेत्र में दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने तीसरे ही दिन पर्दाफाश कर दिया। पत्नी और नौ वर्षीय सौतेले बेटे की गला दबाकर हत्या करने के बाद फरार हुए आरोपित को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपित ने पत्नी की हत्या कर दी थी। सौतेला बेटा गवाह न बने इसलिए आरोपित ने उसे भी मार डाला। छह मार्च की शाम करीब साढ़े सात बजे हाईडिल कालोनी के पास स्थित मकान से तेज बदबू आने पर मकान मालिक योगेन्द्र सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी।
एक माह से दीपक बहादुर पत्नी और एक बच्चे के साथ इस मकान में किराये पर रह रहा था। पुलिस मौके पर पहुंची तो दरवाजा खुला मिला और अंदर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। कमरे से बदबू आ रही थी, जब अंदर देखा गया तो कंबल के नीचे महिला और उसके बेटे के शव पड़े मिले। वहीं महिला का पति फरार था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच कराई। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा। वहीं मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपित दीपक बहादुर की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दो टीमें गठित की गईं। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार तलाश के बाद पुलिस ने आठ मार्च की शाम आरोपित दीपक बहादुर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसकी पत्नी व तीन बच्चे नेपाल में रहते हैं। मृतका कमला शाही भी पहले से विवाहित थी और उसके दो बच्चे थे। इनमें से एक रोशन सिंह (नौ वर्ष) था, जो उसके साथ रहता था। वहीं दूसरा बेटा पति के साथ नेपाल में रहता है। एक वर्ष पूर्व दोनों की इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जान-पहचान हुई थी, जिसके बाद दोनों ने शादी कर ली थी। पहले वह उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में रहे और करीब एक माह से सुमाड़ी में किराये के कमरे में रह रहे थे। घटना वाले दिन दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने दोनों की गला दबाकर हत्या कर दी और फरार हो गया।



