एक दशक बीतने के बाद भी ज्योतिर्मठ के पैनखंडा समुदाय को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल न करने से ज्योतिर्मठ के नागरिकों ने नगर में जन आक्रोश रैली निकाली। शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जोशीमठ बाजार भी व्यापारियों ने जन आक्रोश रैली के समर्थन में बंद रखा। ज्योतिर्मठ विकासखंड के गांवों से आए ग्रामीणों ने पैनखंडा संघर्ष समिति के बैनर तले ज्योतिर्मठ में बदरीनाथ बस स्टैंड से लेकर मारवाड़ी चौक होते हुए तहसील तक आक्रोश रैली निकाली।
साथ ही तहसील परिसर में जनसभा आयोजित की, जिसमें जनप्रतिनिधियों ने पैनखंडा समुदाय को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने की मांग की। कहा कि 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी ज्योतिर्मठ के पैनखंडा समुदाय को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल नहीं किया गया है। संघर्ष समिति के संयोजक कामरेड भरत सिंह कुंवर ने कहा कि पैनखंडा समुदाय की सामान्य जातियों को जो वर्ष 1965 से पूर्व यहां निवासरत हैं। उनको वर्ष 2016 में तत्कालीन उत्तराखंड हरीश रावत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने राज्य की ओबीसी सूची में शामिल किया था। वर्षों से जोशीमठ विकासखंड के लोगों की मांग थी कि यहां के लोगों को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जाए।
वर्ष 2016 में तत्कालीन पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट स्वर्गीय रमेश चन्द्र सती और संघर्ष समिति के संयोजक कामरेड भरत सिंह कुंवर ने संपूर्ण जोशीमठ में आंदोलन की अलख जगाई थी। इस बीच पैनखंडा समुदाय को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने को लेकर संघर्ष समिति लगातार पत्राचार करती रही। लेकिन आज तक पैनखंडा समुदाय को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने को लेकर प्रत्यावेदन केंद्र को उत्तराखंड सरकार द्वारा नहीं भेजा गया है। जिस कारण पैनखंडा समुदाय को अभी तक भी केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल नहीं किया गया है।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्षा देवेश्वरी शाह, ब्लाक प्रमुख अनूप नेगी,व्यापार मंडल अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी उर्गम वार्ड से जिला पंचायत सदस्य रमा राणा, कांग्रेस नगर अध्यक्ष हरेंद्र राणा, पूर्व बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, प्रधान संघ अध्यक्ष मोहन लाल बजावल, भगवती, प्रसाद नंबूरी, पूर्व सभासद समीर डिमरी, अमित सती, महेंद्र नंबूरी, संघर्ष समिति के कुशल कम्दी, बलबीर सिंह रावत, सुखदेव बिष्ट, मनमोहन बिष्ट, वन पंचायत सरपंच सेलंग शिशुपाल भंडारी सहित कई नागरिक शामिल थे।



