उत्तराखंड के किच्छा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ ने बेटे सौरभ राज बेहड़ के खुद पर हमला कराने की बात स्वीकार की है। इस खुलासे के बाद विधायक तिलक राज बेहड़ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। सौरभ ने अपनी पत्नी से अलगाव के चलते लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए यह पूरी घटना रची थी, जिसका खुलासा गुरुवार को हुआ।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि रविवार शाम को किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ के पुत्र और एलाइंस निवासी आवास विकास पार्षद सौरभ बेहड़ पूर्व में भाजपा पार्षद के पति से आवास विकास चौकी में हुए विवाद मामले में पंचायत के लिए जा रहे थे। जैसे ही वह घर से कुछ दूरी पर पहुंचे तो बाइक सवार तीन हमलावरों ने उनकी स्कूटी पर लात मारकर गिरा दिया था, साथ ही उनकी पिटाई की थी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। मामले में पुलिस ने आठ टीम हमलावरों की तलाश में जुटी हुई थी।
बुधवार रात पुलिस टीम सिडकुल रोड पर गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस को देखकर बिना नम्बर प्लेट बाइक सवार युवक वापस लौटने लगे। शक होने पर पुलिस कमियों ने उनका पीछा कर दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम घासमंडी आदर्श कालोनी वार्ड 36 निवासी वंश कुमार पुत्र कुलदीप सिंह बादशाह पुत्र एनुल हक और नारायण कालोनी ट्रांजिट कैंप निवासी दीपक सिंह पुत्र शेर सिंह बताया। तलाशी में वंश के पास से एक तमंचा 312 बोर व एक जिन्दा कारतूस मिला। बादशाह के पास से एक तमंचा 315 बरामद हुआ। जबकि दीपक सिंह के पास से एक चाकू बरामद हुआ।
एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने बताया कि पूछताछ में तीन हमलावर वंश कुमार, बादशाह और दीपक सिंह ने बताया कि इंदर ने उन्हें काल कर बुलाया था। इस दौरान उसने कहा कि सौरभ राज बेहड़ पर हमला करना है। यह सुनकर उन्होंने हमले से इंकार कर दिया। बाद में इंदर नारंग ने कहा कि हमला करने के लिए खुद सौरभ ने कहा है। जिसके बाद तीनों ही हमला करने के लिए तैयार हो गए थे। इंदर के बताई जगह पर पहुंचे और उस पर हमला किया। विधायक बेहड़ ने प्रेसवार्ता कर सभी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अपना सिक्का ही खोटा निकला। इस करतूत से वह बेटे से हमेशा के लिए सभी संबंध खत्म करते हैं। बेटे ने अपने दोस्त इंदर के साथ मिलकर खुद पर हमला कराया।



