उत्तराखंड के कोटद्वार में गणतंत्र दिवस के दिन कपड़े की दुकान का नाम बदलने को लेकर शुरू हुए विवाद ने सांप्रदायिक रंग लेने की कोशिश की। यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह पूरा प्रकरण एक मुस्लिम बुजुर्ग की दुकान के नाम को लेकर है। उन्होंने अपनी दुकान का नाम ‘बाबा’ रखा है। शनिवार को मामले ने तूल तब पकड़ा, जब नाम बदलवाने के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन किया और दुकानदार पर आरोप लगाया कि यह उनकी धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है। दरअसल, कोटद्वार में प्रसिद्ध सिद्धपीठ सिद्धबली को स्थानीय बाबा कहकर बुलाते हैं। इस पूरे बवाल के बीच कोटद्वार का जिम ट्रेनर दीपक कुमार आगे आया। नोंक-झोंक के दौरान जब बजरंग दल से जुड़े लोगों ने उससे नाम पूछा तो उसने कहा- मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।
दुकान का नाम बदलवाने के लिए देहरादून और ऋषिकेश से बड़ी संख्या में बजरंगदल कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचे और प्रर्दशन किया। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कपड़ा दुकानदार के समर्थन में आए जिम संचालक दीपक कुमार ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं से अभद्रता की है और पुलिस उसका बचाव कर रही है। दीपक कुमार और बजरंग दल दोनों ही तरफ से एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए कोटद्वार कोतवाली में तहरीर दी गई है। प्रांत गो रक्षा प्रमुख नरेश उनियाल के नेतृत्व में शनिवार को कोटद्वार पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने पहले मालवीय उद्यान में प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी शोएब अहमद के समर्थन में आए दीपक कुमार के जिम पहुंचे और यहां प्रदर्शन किया। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक भी हुई। करीब दो घंटे प्रदर्शन के बाद किसी तरह प्रदर्शनकारी शांत हुए। कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है।
पुलिस को मिली शिकायत के मुताबिक कोटद्वार में शोएब अहमद की पटेल मार्ग पर कपड़ों की दुकान का नाम बाबा रखने पर गणतंत्र दिवस के दिन बजरंग दल की स्थानीय इकाई के कार्यकर्ताओं आपत्ति जताई थी। कोटद्वार में ‘बाबा’ नाम केवल सिद्धबली बाबा का है। जबकि शोएब अहमद का कहना था कि उन्होंने बोर्ड पर अपना असल नाम भी लिखा है। दोनों पक्षों में बहस के बीच जिम संचालक दीपक पहुंच गए और उन्होंने शोएब का समर्थन किया।
घटना को लेकर दीपक कुमार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया। उसने दावा किया कि कोटद्वार जैसी शांत जगह को लेकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। विरोध के दौरान युवा कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के विरोध से क्षेत्र में सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों के हंगामे की वजह से करीब 20 मिनट तक सड़क जाम रही। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस नेता विजय रावत ने घटना की निंदा की।



