उत्तराखंड एसटीएफ ने देहरादून में हाईटेक नकल गैंग का भंडाफोड़ किया है। गिरोह अभ्यर्थियों को सरकारियों नौकरियों में परीक्षा में पास कराने का लालच देकर 10 लाख रुपये की मांग करता था। एसटीएफ ने परीक्षा केंद्र को सील कर आवश्यक उपकरण कब्जे में ले लिए हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश जारी है, उत्तराखंड एसटीएफ ने कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित एसएससी एमटीएस (मल्टी-टास्किंग स्टाफ) परीक्षा में नकल कराने वाले गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ कोतवाली देहरादून में भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम-2023, बीएनएस की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसटीएफ के अनुसार रिमोट एक्सेस तकनीक से कंप्यूटर कंट्रोल कर प्रश्नपत्र हल करने की साजिश रची गई थी। गिरोह अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने को 10 लाख रुपये की मांग की जाती थी। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों पर परीक्षाओं में नकल पर सख्ती के तहत कार्रवाई की जा रही थी। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट पर उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने देहरादून के महादेव डिजिटल जोन में दबिश दी।
परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में 24×24 इंच का अंडरग्राउंड चेंबर बनाकर उसमें 2 लैपटॉप और राउटर छिपाए गए थे। ऊपर से ढक्कन लगाकर इसे सेफ्टी टैंक जैसा रूप दिया गया था। प्लास्टर उखाड़कर डेडिकेटेड लीज लाइन और फर्जी ‘सर्वर सेटअप’ बरामद किया गया। सिस्टम में रियल वीएनसी/वर्चुअल मशीन जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन मिले। गिरफ्तार आरोपी नीतिश कुमार, निवासी भाटपार रानी, देवरिया (उ.प्र.), हाल निवासी नागलोई, दिल्ली, भास्कर नैथानी, निवासी नथुवावाला, देहरादून, से प्राप्त सामग्री 02 लैपटॉप, 01 राउटर, 02 ईथरनेट केबल (यूएसबी कनेक्टर सहित), 01 यूएसबी-टू-ईथरनेट एडेप्टर, पीएनटी केबल कनेक्टिंग बॉक्स, 04 मोबाइल फोन मिले है।



