पिथौरागढ़ के कैलाश मानसरोवर यात्रा का आधार शिविर एवं सीमांत नगरी धारचूला भगवान शिव के रंग में रंगा हुआ है| पवित्र तपोवन में स्नान करने के बाद व्यास, दारमा, चौदास, अनुवाद समुदाय और मित्र राष्ट्र नेपाल के व्यास गांव पालिका के ग्रामीणों की आकर्षक झांकियां निकाली हुई है। पूरा वातावरण भगवान शिव के उद्घोष से गूंज रहा है। सीमांत नगर धारचूला में महाशिवरात्रि का पावन पर्व पूरी परंपरा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ब्रह्ममुहूर्त में तपोवन स्थित पवित्र जल कुंड में स्नान के साथ मेले का शुभारंभ हुआ।
स्नान के पश्चात व्यास, दारमा, चौदास और अनुवाल समुदाय के साथ-साथ मित्र राष्ट्र नेपाल के टिंकर और छांगरू निवासी व्यासी लोगों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक झांकियां निकालीं। सबसे पहले नाबी के ग्रामीणों ने ‘दलन’ के साथ शोभायात्रा की अगुवाई की। इस दौरान भगवान शिव की स्थानीय परंपरा के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद पूरा नगर ‘बम-बम भोले’ के जयकारों और रंग-बिरंगी झांकियों से सराबोर हो गया। चाहतों के बाद अब सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है।


