हरिद्वार रेलवे स्टेशन के महिला शौचालय में साढ़े चार साल की एक मासूम के साथ दुष्कर्म के प्रयास का शर्मनाक मामला सामने आया है। बच्ची का परिवार तीर्थयात्रा से अपने घर शिवपुरी, मध्य प्रदेश लौट रहा था। रेलवे स्टेशन के महिला शौचालय में लघु शंका के दौरान मासूम को एक युवक ने गलत नीयत से पकड़ लिया। मासूम के शोर मचाने पर पिता व अन्य यात्रियों ने दरवाजा तोड़ा। भीड़ से छूटकर फरार हुए आरोपित को जीआरपी की टीम ने चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। जीआरपी की पुलिस अधीक्षक अरुणा भारती ने बताया कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रहने वाले दंपती अपनी साढ़े चार साल की बेटी के साथ उज्जैन, खाटू श्याम राजस्थान, वैष्णो देवी दर्शन के बाद हरिद्वार व ऋषिकेश होकर घर लौट रहे थे।
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करने के दौरान बच्ची ने शौचालय जाने को कहा। पिता ने टिकट घर के पास बने महिला शौचालय में भेज दिया और खुद कुछ दूरी पर खड़े हो गए। कुछ मिनट बाद अंदर से बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर पिता व अन्य यात्री दौड़कर शौचालय पहुंचे। अंदर से शौचालय का दरवाजा बंद था। झांकने पर युवक के पैर नजर आए। अनहोनी की आशंका भांपते हुए सभी ने मिलकर दरवाजा तोड़ा तो एक युवक ने मासूम को गलत नीयत से पकड़ा हुआ था। पिता व यात्रियों ने मासूम को छुड़ाया और आरोपित को पकड़कर बाहर खींचा। पिटाई के दौरान वह छूटकर भाग निकला।
सूचना पर जीआरपी प्रभारी निरीक्षक बिपिन चंद्र पाठक टीम सहित पहुंचे और घटना की जानकारी लेकर आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई। मशक्कत के बाद टीम ने रेलवे स्टेशन के पास से ही आरोपित को ढूंढकर दबोच लिया। उसकी पहचान यश यादव निवासी ग्राम सिंगेरा रसमल्ला थाना मरदाहा जिला गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पोक्सो व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपित को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि शौचालय जाने पर मासूम को पता था कि पिता पास में ही खड़े हैं, लेकिन आरोपित शायद बच्ची को अकेले शौचालय में जाते हुए देख चुका था।
वह चुपचाप महिला शौचालय पहुंचा और अंदर से चटखनी बंद कर ली। बच्ची कुछ समझ ही नहीं पाई कि वह कौन है और क्या चाहता है। दुष्कर्म का प्रयास करने पर वह चीखने लगी। इसके बाद बच्ची के पिता व अन्य यात्रियों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला तो चेहरे पर दहशत साफ नजर आ रही थी। पिता ने उसे गोद में उठा लिया और वह पिता से लिपटकर रो पड़ी। जीआरपी इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल कराने के साथ ही कोर्ट में उसके बयान भी दर्ज कराए गए हैं। ताकि आरोपित को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।



