भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना-कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी की अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत “कटाई-उपरांत प्रौद्योगिकी एवं कृषि उद्यम विकास” विषय पर दिनांक 28 से 30 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अल्मोड़ा एवं बागेश्वर के अनुसूचित जाति के 17 कृषकों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान डा मनोज कुमार, प्रधान अन्वेषक एवं डा0 कुशाग्रा जोशी, सह-अन्वेषक द्वारा किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कटाई-उपरांत प्रबंधन प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की महत्ता देखते हुए संस्थान के निदेशक डा0 लक्ष्मी कांत के निर्देशन में इस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
कृषकों को कृषि को उद्यमिता से जोड़कर आय बढ़ाने हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कृषक आवश्यकता आकलन, वैज्ञानिक भंडारण एवं कीट प्रबंधन, कटाई-उपरांत प्रौद्योगिकी, कठिन श्रम प्रबंधन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेष रूप से मंडुआ थ्रेशिंग तकनीक, सोयाबीन एवं भट से टोफू एवं दूध बनाना, आटा चक्की का संचालन, मशीनों की सफाई एवं रख-रखाव पर प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया। साथ ही मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण, मधुमक्खी पालन एवं शहद प्रसंस्करण, विपणन, ब्रांडिंग एवं सरकारी सहायता योजनाओं पर भी व्याख्यान दिए गए। कृषि में ड्रोन के उपयोग पर प्रदर्शन एवं प्रक्षेत्र भ्रमण द्वारा उन्नत तकनीकों से अवगत कराया गया। हवालबाग ब्लॉक स्थित आजीविका मूल्य संवर्धन इकाई का भ्रमण कराया गया तथा आर बी आई के प्रशिक्षुओं द्वारा व्यवसाय योजना तैयार करना सिखाया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समन्वयन डॉ मनोज कुमार एवं डॉ0 कुशाग्रा जोशी द्वारा किया गया।


